
जौनपुर। विकास खंड जलालपुर के ग्राम सभा नेवादा में प्रशासनिक अनदेखी और जल निकासी की व्यवस्था न होना एक गरीब परिवार पर भारी पड़ गया। गांव में नाली न होने के कारण लंबे समय से जलजमाव की स्थिति बनी हुई थी। इसी बीच बीती रात हुई मूसलाधार बारिश ने इस समस्या को और गंभीर कर दिया, जिसके चलते गांव के निवासी सुरेंद्र निषाद (पुत्र स्वर्गीय भुल्लन निषाद) का कच्चा मकान भरभराकर ढह गया।
मलबे में दबी गृहस्थी, भारी नुकसान पीड़ित सुरेंद्र निषाद अत्यंत गरीब हैं और इसी कच्चे मकान में अपने परिवार का गुजर-बसर कर रहे थे। मकान गिरने के कारण घर के भीतर रखा सारा कीमती सामान, बर्तन, कपड़े और भविष्य के लिए संचित की गई खाद्य सामग्री (अनाज आदि) मलबे में दबकर पूरी तरह नष्ट हो गई है। गनीमत रही कि हादसे के वक्त परिवार के सदस्य समय रहते सुरक्षित बाहर निकल आए, जिससे एक बड़ा जनहानि का हादसा टल गया।
हालांकि, इस घटना से पीड़ित परिवार के सामने अब रहने और खाने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।ग्रामीणों में रोष, मुआवजे की मांगइस घटना के बाद से नेवादा ग्राम सभा के ग्रामीणों में स्थानीय प्रशासन और ग्राम पंचायत के खिलाफ भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में जल निकासी (नाली) की समुचित व्यवस्था न होने के कारण हर साल बारिश में ऐसी स्थिति पैदा होती है।
बार-बार ध्यान आकर्षित कराने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों ने इस ओर कोई कदम नहीं उठाया, जिसका खामियाजा आज इस गरीब परिवार को भुगतना पड़ा है।पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने जिलाधिकारी जौनपुर और संबंधित विभागीय अधिकारियों से मौके की जांच कराकर पीड़ित सुरेंद्र निषाद को तत्काल सरकारी सहायता (मुआवजा) और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान देने की गुहार लगाई है।

















