
जौनपुर। राजेपुर द्वितीय त्रिमुहानी निवासी नरेंद्र बहादुर सिंह के 26 वर्षों से चले आ रहे भूमि विवाद को लेकर जज सिंह अन्ना ने 31 अगस्त से 3 सितंबर तक अन्न-जल त्याग कर आमरण अनशन किया था। अन्ना की मांग थी कि चक संख्या 1243 में नरेंद्र बहादुर सिंह की वर्ष 2000 में खरीदी गई 14.7 एयर बैनामाशुदा भूमि की निष्पक्ष पैमाइश कराकर उन्हें न्याय दिलाया जाए।
अनशन के चौथे दिन तहसीलदार सदर एवं एसडीएम सदर जौनपुर धरना स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने अन्ना को आश्वासन दिया कि रविवार को राजस्व टीम द्वारा मौके पर जाकर भूमि की निष्पक्ष पैमाइश कराई जाएगी। अधिकारियों के आश्वासन के बाद जज सिंह अन्ना ने अपना अनशन समाप्त किया।
इसी क्रम में आज रविवार, 6 सितंबर को दोपहर 3:00 बजे से 4:15 बजे तक तहसीलदार सदर जौनपुर की टीम ने राजेपुर द्वितीय त्रिमुहानी स्थित चक संख्या 1243 में मौके पर पहुंचकर पैमाइश की।मामले के अनुसार हरिश्चंद्र मिश्रा ने अपनी भूमि में से निजामुद्दीन/मकबूल अहमद को 25 एयर, मुर्तजा को 25 एयर तथा नरेंद्र बहादुर सिंह को 14.7 एयर जमीन का बैनामा किया था। पैमाइश के दौरान मकबूल अहमद द्वारा लगभग 14.50 फीट का हाता घेरा जाना भी विवाद के प्रमुख बिंदुओं में सामने आया।तहसीलदार ने मौके पर मकबूल अहमद से कहा कि यदि वह अतिरिक्त बताई जा रही लगभग 7 एयर भूमि रखना चाहते हैं तो मुर्तजा से नियमानुसार बैनामा कराएं, अन्यथा जमीन खाली करनी होगी। मकबूल अहमद ने इसके लिए दो दिन का समय मांगा है।मौके की पैमाइश के बाद नरेंद्र बहादुर सिंह को लगभग 6 एयर भूमि मिलने की संभावना बताई जा रही है।
हालांकि उनकी कुल संबंधित भूमि में लगभग 1.5 एयर की कमी रहने की बात भी सामने आई है।26 वर्षों से न्याय के लिए संघर्ष कर रहे नरेंद्र बहादुर सिंह के मामले में जज सिंह अन्ना के अनशन और प्रशासन के आश्वासन के बाद हुई यह पैमाइश समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अब सभी पक्षों के राजस्व अभिलेखों और मौके की स्थिति के आधार पर अंतिम न्याय की उम्मीद है।

















