
शाहजहाँपुर में आयोजित नवाचार एवं बेस्ट प्रैक्टिसेस कार्यशाला में ब्लॉक पुवायॉ के प्राथमिक विद्यालय कसभरा की इंचार्ज प्रधानाध्यापक सुश्री रिया श्रीवास्तव द्वारा अपने नवाचार ‘कौन बनेगा गणित चैंपियन’ की प्रस्तुति दी गई।
बच्चों में गणित के प्रति रुचि बढ़ाने और गणितीय अवधारणाओं को खेल-खेल में समझाने के उद्देश्य से तैयार किया गया यह नवाचार ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के नियमों और लूडो के साँप-सीढ़ी वाले खेल की अवधारणा पर आधारित है।
इस खेल में चार टीमें प्रतिभाग करती हैं। प्रत्येक टीम का लीडर सबसे पहले खेल में हिस्सा लेता है। लूडो की गोटी की जगह बच्चे स्वयं गोटी की तरह जंप करते हुए आगे बढ़ते हैं।हर जंप के बाद बच्चा जिस नंबर पर पहुँचता है, वहाँ एक गणितीय प्रश्न दिया जाता है। उस प्रश्न का सही उत्तर देना अनिवार्य है। सही उत्तर देने के बाद ही प्रतिभागी आगे बढ़ सकता है। यदि प्रतिभागी को उत्तर नहीं आता, तो वह खेल में दी गई हेल्पलाइन का प्रयोग कर सकता है।बच्चों को कुल चार हेल्पलाइन दी जाती हैं—पहली, टीम लीडर की मदद।दूसरी, दर्शकों की मदद।तीसरी, प्रतिभागी को बदलना।
और चौथी, टीचर की मदद।इस तरह बच्चे हर पड़ाव पर गणितीय प्रश्नों को हल करते हुए आगे बढ़ते हैं और खेल के साथ-साथ अपनी गणितीय समझ, त्वरित सोच, निर्णय लेने की क्षमता और आत्मविश्वास को भी विकसित करते हैं।इस खेल का सबसे रोमांचक हिस्सा है इसका लक्ष्य—जो प्रतिभागी सबसे पहले 100 नंबर तक पहुँचता है, वही बनता है ‘गणित चैंपियन’।कार्यशाला में प्रस्तुत किए गए इस नवाचार की उपस्थित शिक्षकों एवं अधिकारियों द्वारा काफी सराहना की गई।
‘कौन बनेगा गणित चैंपियन’ ने यह साबित किया कि गणित को यदि खेल और प्रतियोगिता से जोड़ दिया जाए, तो सीखना बच्चों के लिए और भी रोचक एवं प्रभावी बनाया जा सकता है।कौन बनेगा गणित चैंपियन—जहाँ हर जंप के साथ एक सवाल, हर सही जवाब के साथ एक कदम आगे और 100 नंबर पर मिलता है गणित चैंपियन का खिताब।

















