
जौनपुर (सिंगरामऊ)।विकासखंड बदलापुर अंतर्गत फिरोजपुर सहित कई ग्राम सभाओं से पितृपक्ष के पावन अवसर पर सैकड़ों लोग अपने पूर्वजों का तर्पण और पिंडदान करने के लिए बिहार के प्रसिद्ध गया धाम के लिए रवाना हुए।
धर्मशास्त्रों के अनुसार पितृपक्ष में पितरों का तर्पण करने से उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है और उनकी आत्मा बैकुंठ धाम को जाती है। ऐसी मान्यता है कि पितरों के प्रसन्न होने से देवी-देवता भी प्रसन्न होते हैं और उनके आशीर्वाद से परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।
अपर परिवहन आयुक्त उत्तर प्रदेश के आदेश को वाराणसी मंडल के अधिकारियों द्वारा दिखाया जा रहा ठेंगा।गया धाम को पिंडदान के लिए सबसे पवित्र स्थल माना जाता है।इस यात्रा में फिरोजपुर ग्राम सभा से शिवनारायन शुक्ला सहित कई दंपति अपनी पत्नी के साथ गया के लिए निकले। ग्रामीणों के अनुसार यह यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति और परंपरा से जुड़ने का माध्यम है।यात्रा पर जाने वाले सभी श्रद्धालुओं को गांव में एक उत्सव की तरह विदाई दी गई।
ढोल-मजीरा और डीजे की धुन पर नाचते-गाते हुए ग्रामीणों ने उन्हें खुशी-खुशी विदा किया। इस दौरान क्षेत्रवासियों और रिश्तेदारों ने सभी यात्रियों का फूल-मालाओं से माल्यार्पण कर स्वागत किया और उनके सकुशल यात्रा और अनुष्ठान पूर्ण होने की कामना करते हुए राजी-खुशी विदा किया।पूरे क्षेत्र में इस धार्मिक यात्रा को लेकर उत्साह का माहौल बना रहा।














