
बारिश से कच्चा मकान ढहा, मलबे में दबकर मां-बेटी की मौत खेत से लौटकर घर में आराम कर रही थीं दोनों, अचानक भरभराकर गिरी दीवारें; हादसे से गांव में पसरा मातम
जौनपुर शाहगंज में बारिश एक गरीब परिवार के लिए बुधवार को ऐसी आफत बनकर आई कि पलभर में उसकी पूरी गृहस्थी उजड़ गई। रात से हो रही लगातार रिमझिम बारिश के बीच कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर पड़ा। मलबे में दबकर मां और 14 वर्षीय बेटी की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा है, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
शाहगंज कोतवाली क्षेत्र के राजापुर सहावै गांव निवासी 45 वर्षीय बिंदु राजभर मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। परिवार में उनकी 40 वर्षीय पत्नी ज्ञानती देवी, तीन बेटियां और दो बेटे हैं। एक बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि अन्य बच्चे अभी छोटे हैं।बताया जाता है कि बुधवार सुबह बिंदु राजभर मजदूरी के सिलसिले में नगर आए हुए थे। परिवार के बच्चे घर के बाहर खेल रहे थे।
इसी बीच ज्ञानती देवी अपनी 14 वर्षीय बेटी अमरिका के साथ धान के खेत में निराई करने गई थीं। सुबह करीब 11 बजे दोनों खेत से वापस घर पहुंचीं। उस समय बारिश हो रही थी और रात से ही रुक-रुककर रिमझिम बारिश जारी थी।खेत से लौटने के बाद मां-बेटी अभी घर में आराम ही कर रही थीं कि अचानक कच्चा मकान भरभराकर उनके ऊपर आ गिरा। देखते ही देखते दोनों मलबे के नीचे दब गईं। हादसे की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर दौड़ पड़े और काफी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर मां-बेटी को बाहर निकाला।ग्रामीण तत्काल दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहगंज लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने ज्ञानती देवी को प्रथम दृष्टया मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल अमरिका को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल के लिए रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही अमरिका ने दम तोड़ दिया।एक ही हादसे में मां और बेटी की मौत की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जिस घर में कुछ देर पहले तक बच्चों की आवाजें गूंज रही थीं, वहां देखते ही देखते चीख-पुकार मच गई। परिजनों के करुण क्रंदन से हर किसी की आंखें नम हो गईं। गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचते रहे।सूचना मिलने पर शाहगंज कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी हाउस भेज दिया। हादसे ने एक बार फिर बारिश के मौसम में कच्चे मकानों में रहने वाले गरीब परिवारों की मुश्किलों और उनकी असुरक्षित जिंदगी को सामने ला दिया है।

















