
जौनपुर, 20 अगस्त, 2026 आज 20 अगस्त को विश्व मच्छर दिवस के अवसर पर जिला मलेरिया फाइलेरिया अधिकारी टीम द्वारा नगरीय क्षेत्र जौनपुर के मतापुर में सहायक मलेरिया अधिकारी अशोक कुमार, फाइलेरिया निरीक्षक अभिषेक सोनकर के नेतृत्व में!
पर्यवेक्षक सतेंद्र कुमार, राकेश सिंह द्वारा वार्ड मियापुर में मलेरिया निरीक्षक चंद्रेश कुमार पटेल के नेतृत्व में एवं ग्राम पतहना पर्यवेक्षक इंद्रजीत सिंह, शिव शंकर वर्मा एवं क्षेत्रीय आशा द्वारा मच्छर निरोधात्मक गतिविधियां एवं मच्छर जनित बीमारियों जैसे मलेरिया डेंगू आदि के कारण लक्षण बचाव आदि के प्रति जन जागरूक किया गया। जन समुदाय में पोस्टर पैम्फलेट वितरण किया गया, मच्छर प्रजनन स्रोतों का सर्वे एवं सोर्स रिडक्शन, एंटी लार्वा रसायन स्प्रे कार्य किया गया।
मच्छरों से मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, फाइलेरिया, दिमागी बुखार आदि रोग होते हैं। मलेरिया रोग मादा एनाफिलीज मच्छर से फैलता है जिसमें ठंडक लगकर बुखार आता है, खून की कमी, प्लीहा में वृद्धि आदि लक्षण दिखाई देते हैं।
डेंगू, चिकुनगुनिया रोग मादा एडीज मच्छर से फलने वाला संक्रामक रोग होता है जिसमें हड्डियों जोड़ों में दर्द के साथ बुखार आता है। समय पर जांच उपचार न कराने रक्तस्राव, प्लेटलेट्स की कमी आदि गंभीर लक्षण दिखाई दे सकते हैं। फाइलेरिया मादा क्यूलेक्स मच्छर से फैलता है। फाइलेरिया में हाथ पैर स्तन अंडकोष में सूजन आ जाती है, जिसे हाथीपांव भी बोलते हैं। दिमागी बुखार क्यूलेक्स मच्छर से फैलता है जिसमें तीव्र बुखार, दिमागी कमजोरी, झटके आते हैं ज्यादा गंभीर अवस्था में मरीज के मुंह से झाग आ सकता है, लकवा ग्रस्त हो सकता है। जहां पर जल जमाव अधिक होता है, झाड़ियां अधिक होती हैं, गंदगी होती है, जो लोग बिना मच्छरदानी के खुली बदन सोते हैं उन्हें इन बीमारियों का खतरा अधिक होता है। इन बीमारियों से बचाव जरूरी है। इसके लिए अपने घरों के अंदर बाहर साफ सफाई रखें, झाड़ियां न उगने दें, जल जमाव न होने दें, नालियों में कूड़ा कबाड़ न डालें, रुके हुए पानी में जला हुआ मोबिल ऑयल डालें, कूलर, गमला फ्रिज की ट्रे आदि में जमा पानी को सप्ताह में एक बार अवश्य बदल दें, टंकियों को ढक कर रखें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहने, खुली बदन न सोएं, सोते समय मच्छरदानी लगाएं और बुखार हो तो तत्काल नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र जाकर अपना निःशुल्क जांच उपचार कराएं। इन बीमारियों के जांच उपचार हेतु आवश्यक दवाएं, जांच किट आदि समस्त सामुदायिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला चिकित्सालय, मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध है।

















