
मुंगराबादशाहपुर हादसे के बाद जागा प्रशासन, फिटनेस फेल वाहनों को एक सप्ताह की मोहलतनंबर प्लेट से मोबाइल नंबर तक जांचे गए मानक, एक माह चलेगा अभियान
रिपोर्टर मोहम्मद अरशद
खेतासराय(जौनपुर) । मुंगराबादशाहपुर में स्कूली वैन हादसे के बाद जिला प्रशासन ने स्कूली वाहनों की जांच तेज कर दी है। डीएम सैमुअल पाल एन के निर्देश पर यातायात पुलिस ने सोमवार को नगर में अभियान चलाकर करीब एक दर्जन स्कूली वाहनों की जांच की। मानकों में कमी मिलने पर कई वाहनों का चालान काटा गया। वहीं, फिटनेस फेल पाए गए वाहनों के संचालकों को कमियां दूर करने के लिए एक सप्ताह की मोहलत देते हुए सख्त चेतावनी दी गई।
कार्रवाई से स्कूल संचालकों और वाहन चालकों में खलबली मची रही।यातायात उपनिरीक्षक राजेश सिंह के साथ ट्रैफिक आरक्षी संदीप सिंह और मिंटू कुमार के नेतृत्व में हुई चेकिंग में स्कूली वाहनों की फिटनेस, परमिट, बीमा, चालक का लाइसेंस समेत सुरक्षा संबंधी मानकों की जांच की गई। वाहनों पर नंबर प्लेट और मोबाइल नंबर अंकित है या नहीं, इसे भी देखा गया। नियमों की अनदेखी मिलने पर पुलिस ने मौके पर ही कार्रवाई की। अधिकारियों ने साफ़ किया कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।मुंगराबादशाहपुर में स्कूली वैन और बस की टक्कर में कई बच्चों के घायल होने के बाद स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को ढोने वाले वाहनों की नियमित जांच होनी चाहिए। फिटनेस, परमिट, बीमा और चालक की दक्षता की जांच में लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।अभिभावक अशोक यादव ने कहा कि क्षेत्र में कुछ स्कूली वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में केवल हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय नियमित अभियान चलाकर मानक विहीन वाहनों को सड़क से हटाया जाना चाहिए। विद्यालय प्रबंधन की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।यातायात उपनिरीक्षक राजेश सिंह ने बताया कि एडीजी ट्रैफिक के निर्देश पर स्कूली वाहनों की चेकिंग शुरू की गई है। मानक पूरे नहीं करने वाले वाहनों का चालान किया गया है।
फिटनेस सहित अन्य कमियां मिलने पर वाहन संचालकों को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए हैं। स्कूली वाहनों के खिलाफ यह अभियान एक माह तक लगातार चलेगा।इनसेटस्कूली वाहन चालकों का पुलिस वेरिफिकेशन जरूरी, खिड़कियों पर जाली और सीसीटीवी अनिवार्यखेतासराय। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर यातायात पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। अब बच्चों को लाने-ले जाने वाले सभी स्कूली वाहन चालकों का पुलिस वेरिफिकेशन और स्वास्थ्य प्रमाण पत्र अनिवार्य होगा। नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।टीएसआई राजेश के अनुसार चालक को ऑनलाइन आवेदन करने के बाद संबंधित थाने से सत्यापन कराना होगा। बीट सिपाही और थाना प्रभारी द्वारा जांच के बाद चरित्र प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। वहीं, सभी स्कूली वाहन चालकों का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जिला चिकित्सालय से बनवाकर स्कूल में रखना अनिवार्य होगा।उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के मानकों के अनुसार स्कूली वाहनों की खिड़कियों पर सुरक्षा जाली और वाहन के अंदर सीसीटीवी कैमरा होना जरूरी है। जांच के दौरान इन मानकों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित वाहन को सीज कर कार्रवाई की जाएगी।

















