
चनरा देवी सोहन पाल कॉन्वेंट स्कूल में मनबढ़ों का दिनदहाड़े तांडव प्रबंधक के बेटे को पीटा, अभिलेख फाड़े और 13,700 रुपये लूटे, दहशत का माहौलकेराकत।
जौनपुर केराकत तहसील के गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत लुरखुरी गांव में बेखौफ दबंगों द्वारा शिक्षा के मंदिर में घुसकर गुंडागर्दी और लूटपाट करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। लुरखुरी गाँव स्थित चनरा देवी सोहन पाल कॉन्वेंट स्कूल के कार्यालय में घुसकर हमलावरों ने न केवल विद्यालय प्रबंधक के बेटे के साथ बेरहमी से मारपीट की, बल्कि कार्यालय में रखे महत्वपूर्ण अभिलेखों को फाड़ते हुए दराज में रखे फीस के 13 हजार 7 सौ रुपये भी लूट लिए। घटना के बाद पूरे इलाके और स्कूल परिसर में दहशत का माहौल है।
पीड़ित प्रबंधक ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक जौनपुर को शिकायती पत्र सौंपकर नामजद आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है।प्रबंधक श्यामलाल पाल द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, यह घटना 11 अगस्त के सुबह करीब 8:20 बजे की है। जानकारी के अनुसार रोजमर्रा की तरह विद्यालय का कामकाज शुरू ही हुआ था कि पुरानी रंजिश के चलते गांव का ही राजकुमार यादव पुत्र स्व. राममूरत यादव अचानक विद्यालय के कार्यालय में घुस आया। उसने वहांँ मौजूद प्रबंधक के बेटे प्रदीप पाल के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपी ने लात-घूंसों से उसकी जमकर पिटाई कर दी।आरोप है कि हमलावर का आक्रोश यहीं नहीं थमा उसने विद्यालय के आवश्यक सरकारी व गैर-सरकारी अभिलेखों को फाड़कर फेंक दिया और कार्यालय में जमकर तोड़फोड़ की।
इसी दौरान आरोपी ने मेज की दराज तोड़कर उसमें रखी छात्रों की फीस के 13 हजार 7 सौ रुपये नकद जबरन निकाल लिए और धमकी देते हुए फरार हो गया।शिकायत में उल्लेख किया गया है कि जिस वक्त अंदर यह वारदात चल रही थी, उस दौरान बाहर मुख्य मार्ग पर विजय बहादुर, अजय यादव, राजेश यादव, रमेश यादव उर्फ कल्लू, सूरज यादव, अंकित यादव, अनुज यादव, विनोद यादव, संदीप यादव, बीरबल यादव, शिवम यादव और अनमोल यादव सहित अन्य लोग लामबंद होकर खड़े थे। ये सभी विद्यालय को घेरे हुए थे और बाहर निकलने पर जान से मारने की धमकियां दे रहे थे। स्थिति बेकाबू होते देख पीड़ित पक्ष ने तत्काल यूपी 112 डायल कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस के मौके पर पहुंचने के कारण बड़ी अनहोनी टल गई।पीड़ित प्रबंधक के अनुसार, गांँव की जंगल खाते की सरकारी भूमि पर हो रहे अवैध कब्जे को लेकर उन्होंने 14 मई को जिलाधिकारी जौनपुर, मुख्यमंत्री कार्यालय, राजस्व परिषद अध्यक्ष और डीएफओ को शिकायती पत्र भेजा था। इसी शिकायत से क्षुब्ध होकर 5 अगस्त को संदीप यादव ने उन्हें बाहरी बदमाशों से मरवाने की खुली धमकी दी थी।पीड़ित का आरोप है कि घटना के तत्काल बाद स्थानीय गौराबादशाहपुर थाने में शिकायत देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पूरी घटना का साक्ष्य सीसीटीवी और मोबाइल कैमरों में दर्ज है। अब पीड़ित ने जिले के आलाधिकारियों से जान-माल की सुरक्षा और दबंगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की है।

















