
जौनपुर जलालपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेहटी में स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। एक तरफ घायल मरीज दर्द की दवा और एक्स-रे के लिए कई दिनों तक अस्पताल के चक्कर लगाता रहा, वहीं दूसरी ओर अस्पताल परिसर में सरकारी दवाइयां कूड़े के ढेर में पड़ी मिलीं। दवाइयों के कूड़े में पड़े होने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गई है। अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच कराने की बात कही है।जानकारी के अनुसार भड़ेहरी गांव निवासी बदरुद्दीन चोट लगने के बाद उपचार के लिए सीएचसी रेहटी पहुंचे थे। चिकित्सकीय जांच के बाद उन्हें दवा और एक्स-रे कराने की सलाह दी गई। जब वह अस्पताल की दवा वितरण खिड़की पर पहुंचे तो उन्हें दर्द की दवा और मलहम उपलब्ध नहीं होने की बात बताई गई।मरीज का आरोप है कि एक्स-रे कराने के लिए भी उन्हें परेशानी उठानी पड़ी। अस्पताल में बिजली न होने की बात कहकर उन्हें अगले दिन आने को कहा गया। इसके बाद वह कई दिनों तक अस्पताल के चक्कर लगाते रहे, लेकिन एक्स-रे नहीं हो सका और जरूरी दर्द की दवा भी उन्हें नहीं मिल पाई।इसी दौरान अस्पताल परिसर में कूड़े के बीच सरकारी दवाइयां पड़ी होने का मामला सामने आया। मौके पर मौजूद लोगों ने दवाइयों का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद सवाल उठने लगा कि जब मरीज जरूरी दवाओं के लिए परेशान हो रहे हैं तो सरकारी दवाइयां कूड़े में क्यों पड़ी हैं।मामला सामने आने के बाद भी बदरुद्दीन को दर्द की दवा नहीं मिल सकी। हालांकि चिकित्सक की ओर से उन्हें एक मलहम उपलब्ध कराया गया।घायल मरीज का पर्चा तक नहीं बनाइसी अस्पताल में इलाज की व्यवस्था को लेकर एक और शिकायत सामने आई। बेला गांव निवासी संदीप यादव बाइक से गिरकर घायल होने के बाद करीब डेढ़ बजे सीएचसी पहुंचे। उनका आरोप है कि पर्चा बनाने वाले कर्मचारी ने निर्धारित समय बीतने की बात कहते हुए पर्चा बनाने से मना कर दिया। संदीप के अनुसार पर्चा नहीं बनने के कारण उन्हें बिना उपचार कराए ही वापस लौटना पड़ा।अधीक्षक ने जांच का दिया भरोसा सीएचसी रेहटी के अधीक्षक डॉ. अजय सिंह ने बताया कि अस्पताल परिसर में सरकारी दवाइयां कूड़े में फेंके जाने की जानकारी उन्हें पहले नहीं थी। मामला संज्ञान में आने के बाद इसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।मरीज के एक्स-रे के संबंध में अधीक्षक ने बताया कि संबंधित महिला चिकित्सक के अवकाश पर होने के कारण एक्स-रे नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि अगले दिन एक्स-रे कराया जाएगा और मरीज को मलहम उपलब्ध कराया गया है।

















