
लेखपाल के निलंबन को गलत बता नागरिकों ने उठाई बहाली की मांगअधिवक्ताओं व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को सौंपा ज्ञापनचीनी की बढ़ते दाम पर की गई फेसबुक पोस्ट की तकनीकी जांच कराने की मांगजौनपुर (खेतासराय)।
तहसील शाहगंज में तैनात लेखपाल द्वारा चीनी की बढ़ती कीमत को लेकर इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट उसके बाद निलंबन की कार्रवाई से देश और प्रदेश चर्चा का विषय बन गया है । अब उन पर की गई निलंबन कार्रवाई को गलत बताते हुए बड़ी संख्या में नागरिक कलेक्ट्रेट पहुँचकर अशोक यादव के निलंबन को वापस करने की मांग उठाई है ।प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और लेखपाल को अपना पक्ष रखने का अवसर देने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि लेखपाल के खिलाफ जिस कथित फेसबुक पोस्ट को आधार बनाकर कार्रवाई की गई है, उसकी वास्तविकता की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि पहले यह सत्यापित होना जरूरी है कि संबंधित पोस्ट वास्तव में अशोक यादव ने ही की थी या नहीं। बिना तकनीकी पुष्टि के कार्रवाई किया जाना उचित नहीं है।प्रतिनिधिमंडल ने कथित फेसबुक पोस्ट ‘चाय खतरे में है मित्तर, चीनी पहुंच गई सत्तर’ का भी हवाला दिया। कहा कि प्रथमदृष्टया यह टिप्पणी चाय और चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर की गई व्यंग्यात्मक टिप्पणी प्रतीत होती है।
इसमें किसी व्यक्ति को धमकी देने या हिंसा के लिए उकसाने जैसी बात स्पष्ट रूप से सामने नहीं आती। ऐसे में इस टिप्पणी के आधार पर की गई कार्रवाई पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।नागरिकों और अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी से मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच, कथित फेसबुक पोस्ट की तकनीकी पुष्टि और लेखपाल को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिए जाने की मांग की। साथ ही निलंबन वापस लेकर अशोक यादव को पुन: सेवा में बहाल करने का आग्रह किया।ज्ञापन देने वालों में अतुल सिंह, डा. अब्बासी, विकास तिवारी, भीम यादव समेत अन्य लोग शामिल रहे।

















