
खेतासराय।जौनपुर मेडिकल कॉलेज को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमीक जामेई ने प्रदेश सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस मेडिकल कॉलेज को वर्ष 2017 तक पूरी तरह संचालित किया जाना था, वह वर्षों बाद भी अधूरी व्यवस्थाओं और संसाधनों की कमी से जूझ रहा है।
उन्होंने कहा कि इसका खामियाजा जौनपुर और आसपास के गरीब एवं मध्यमवर्गीय मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।अमीक जामेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करके बताया कि सपा सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जौनपुर में 500 बेड के मेडिकल कॉलेज की सौगात दी थी।
परियोजना के लिए 50 एकड़ में परिसर, 100 एमबीबीएस सीटें और करीब 565 करोड़ रुपये के बजट का उल्लेख करते हुए वर्तमान स्थिति पर सवाल उठाए गए है।उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से 2026 के बीच मेडिकल कॉलेज का निर्माण अपेक्षित गति से नहीं हो सका। उनके मुताबिक, कई महत्वपूर्ण विभागों में विशेषज्ञ चिकित्सकों और अकादमिक स्टाफ की कमी है। इसके अलावा एमआरआई और अन्य महत्वपूर्ण जांच सुविधाएं भी पूरी तरह प्रभावी ढंग से उपलब्ध नहीं होने का आरोप लगाया गया है।
सपा प्रवक्ता ने कहा कि मेडिकल कॉलेज का उद्देश्य जौनपुर के लोगों को अपने जिले में बेहतर और सुलभ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना था, ताकि गंभीर इलाज के लिए उन्हें बीएचयू, लखनऊ या दूसरे बड़े शहरों का रुख न करना पड़े। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी परियोजना के बावजूद यदि मरीजों को बाहर जाना पड़ रहा है तो इसकी जवाबदेही किसकी है।अमीक जामेई ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार विभागों से मेडिकल कॉलेज की निर्माण स्थिति, चिकित्सकों एवं शिक्षकों की उपलब्धता तथा चिकित्सा सुविधाओं पर जवाब सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जौनपुर मेडिकल कॉलेज को पूर्ण क्षमता के साथ संचालित कर क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाना चाहिए।
















