
मछलीशहर के 71वें राष्ट्रीय एकता सम्मेलन में पहुंचे राज्यसभा सांसद संजय सिंहमछलीशहरवासियों ने किया भव्य स्वागत, सदर राशिद खान ने मोमेंटो भेंटकर किया सम्मानजौनपुर। सीरत कमेटी मछलीशहर द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 71वां राष्ट्रीय एकता सम्मेलन मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को जामा मस्जिद के मैदान में आयोजित किया गया। सम्मेलन का मुख्य विषय भारत हमारा वतन : अधिकार और कर्तव्य रहा।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य तथा राज्यसभा सांसद संजय सिंह शामिल हुए। मछलीशहर पहुंचने पर स्थानीय लोगों एवं आयोजकों ने उनका भव्य स्वागत किया। सीरत कमेटी के सदर राशिद खान ने मोमेंटो भेंटकर सांसद संजय सिंह को सम्मानित किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता सीरत कमेटी के सरपरस्त हाजी इमरान खान ने की।
कार्यक्रम के आयोजन में सदर राशिद खान, फिरोज अंसारी, असजद सिद्दीकी, रईस खान, शकील सहित पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम की शुरुआत हाफिज मोहम्मद रिजवान, इमाम शाही जामा मस्जिद मछलीशहर की तिलावते कलाम-ए-पाक से हुई, जबकि संचालन हाजी एजाज खान ने किया।सम्मेलन को संबोधित करते हुए सांसद संजय सिंह ने हिंदू-मुस्लिम एकता, आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि देश की मजबूती और तरक्की के लिए आपसी एकता और भाईचारा बेहद जरूरी है।
वहीं मौलाना वसीम शेरवानी ने इस्लाम की रोशनी में आपसी भाईचारे और इंसानियत का पैगाम दिया। हजरत मौलाना अबुल कलाम, इमाम-ए-शहर ने भी मुल्क से मोहब्बत, आपसी सौहार्द और भाईचारे पर अपना बयान पेश किया।सीरत कमेटी के सरपरस्त हाजी इमरान खान ने कहा कि राष्ट्रीय एकता सम्मेलन का उद्देश्य समाज में आपसी भाईचारे, प्रेम और सद्भावना को मजबूत करना है। भारत की गंगा-जमुनी तहजीब हमारी पहचान है और हम सभी को मिल-जुलकर देश की एकता एवं अखंडता को मजबूत करने का प्रयास करना चाहिए।सम्मेलन में मौलाना अबुल कलाम, मौलाना वसीम, हाफिज अफजल, हाफिज खालिद, मोहम्मद अकील अंसारी (इम्प्रेस पर्स, मुंबई), गुलाम रसूल ‘बबलू’ राइन, हाजी इश्तियाक खान, शमशुल इस्लाम, मुस्तफीज खान, आरिफ अंसारी, इफ्तेखार खान, फराज सभासद, इसरार खान, फजल खान, तौसीफ अंसारी, इब्राहिम, अरबाज अंसारी, नसीम मोटर पार्ट समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।सम्मेलन में हजारों लोगों की मौजूदगी ने एकता, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द के संदेश को मजबूती प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान मछलीशहर की गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे की मिसाल देखने को मिली।

















