
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में कृषि और भूमि प्रबंधन को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। अब जिले की हर एक इंच जमीन का हिसाब-किताब डिजिटल रूप से रखा जा रहा है। राजस्व विभाग और कृषि विभाग के आपसी समन्वय से हर 6 महीने में व्यापक ‘फसली जांच-पड़ताल’!
(डिजिटल फसल सर्वेक्षण) अभियान चलाया जा रहा है। इस संयुक्त अभियान के तहत जुटाया गया डेटा सीधे सरकारी पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है, जिससे यह साफ पता चल सकेगा कि जिले में कितनी जमीन पर फसल बोई गई है और कितनी जमीन खाली (परती) पड़ी है।पारदर्शिता लाने के लिए उठाया गया !
कदमअधिकारियों के मुताबिक, इस डिजिटल जांच-पड़ताल का मुख्य उद्देश्य कृषि योजनाओं का लाभ सीधे और सही किसानों तक पहुंचाना है। पहले कागजों पर होने!
वाली यह प्रक्रिया अब पूरी तरह तकनीक पर आधारित हो चुकी है। राजस्व विभाग के लेखपाल और कृषि विभाग के प्राविधिक सहायक मौके पर जाकर (ग्राउंड ट्रूथिंग के जरिए) खेतों की स्थिति का जायजा लेते हैं।

















