
शाहगंज(जौनपुर)अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) परमानंद झा ने मंगलवार को तहसील शाहगंज का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखी। उन्होंने तहसील परिसर के विभिन्न कार्यालयों और पटलों का निरीक्षण करते हुए लंबित मामलों, जनशिकायतों के निस्तारण और साफ-सफाई व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करते हुए जनसमस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
लंबित मामलों के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं*निरीक्षण के दौरान एडीएम ने आईजीआरएस, जनसुनवाई और धारा-24 से संबंधित लंबित मामलों की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रकरणों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने नहीं आनी चाहिए।एडीएम ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि शिकायतकर्ता को अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार तहसील के चक्कर न लगाने पड़ें।
इसके लिए प्रत्येक प्रकरण की नियमित निगरानी करते हुए गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता को त्वरित राहत देना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।*बारिश में जलभराव की समस्या पर भी गंभीरता*निरीक्षण के दौरान तहसील परिसर में बारिश के समय होने वाले जलभराव की समस्या भी सामने आई। इस पर एडीएम ने अधिकारियों को स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने परिसर में जल निकासी व्यवस्था का जायजा लेते हुए बेहतर ड्रेनेज सिस्टम का प्लान तैयार कराने को कहा, ताकि बारिश के दिनों में कर्मचारियों, अधिकारियों और फरियादियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।उन्होंने तहसील परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के साथ ही कार्यालयों में स्वच्छ, व्यवस्थित एवं जनसुलभ वातावरण बनाए रखने पर भी जोर दिया।
पान-गुटखे की पीक से लाल थीं दीवारें, कर्मचारियों ने निकाला अनोखा रास्ता*तहसील की नई प्रशासनिक बिल्डिंग में सफाई व्यवस्था से जुड़ा एक अनोखा प्रयोग भी चर्चा का विषय बना हुआ है। कुछ समय पहले तक बिल्डिंग की दीवारें पान और गुटखे की पीक के दागों से लाल नजर आती थीं। गलियारों और आसपास के हिस्सों में भी जगह-जगह गंदगी दिखाई देती थी। सफाई कर्मचारियों ने परिसर की सफाई कराने के बाद दोबारा लोग वहां गंदगी न फैलाएं, इसके लिए अलग तरीका अपनाया।बताया गया कि जिन स्थानों पर लोग अक्सर पान-गुटखा खाकर थूक देते थे, वहां भगवान की प्रतिमा स्थापित कर दी गई। कर्मचारियों का मानना है कि धार्मिक आस्था के चलते लोग इन स्थानों पर थूकने और गंदगी करने से परहेज करेंगे। इस प्रयोग के बाद संबंधित स्थानों पर गंदगी कम होने की बात भी सामने आई है।*एडीएम बोले—लोगों का ध्यान जाएगा, सफाई भी बनी रहेगी*कर्मचारियों के इस अनोखे प्रयास के संबंध में जब अपर जिलाधिकारी परमानंद झा से सवाल किया गया तो उन्होंने इसकी पुष्टि करते हुए कहा, “हां, यह सही है। इससे लोगों का ध्यान जाएगा और परिसर में हमेशा सफाई बनी रहेगी।” उन्होंने कर्मचारियों के प्रयास को सही ठहराते हुए साफ-सफाई बनाए रखने की दिशा में इसे प्रभावी पहल बताया।हालांकि, तहसील परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रशासनिक स्तर पर नियमित निगरानी और लोगों में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत भी महसूस की जा रही है। अधिकारियों ने कर्मचारियों को निर्देश दिया कि सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी न होने दें और सफाई व्यवस्था को लगातार दुरुस्त रखें।*व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त रखने के निर्देश*निरीक्षण के अंत में एडीएम ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिया कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। कार्यालयों में आने वाले फरियादियों के साथ संवेदनशीलता से पेश आते हुए उनकी समस्याओं का नियमानुसार समाधान कराया जाए। उन्होंने कार्यालयी अभिलेखों, लंबित प्रकरणों और जनशिकायतों की नियमित समीक्षा करने पर भी जोर दिया।निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी अंकुर वर्मा, तहसीलदार सौरभ कुमार, उपजिलाधिकारी न्यायिक सहित तहसील के तमाम अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

















