
जौनपुरकेराकत कोतवाली क्षेत्र के पेसारा गांव में गलत इलाज के कारण चार वर्षीय बच्ची की मौत के मामले में पुलिस ने कथित झोलाछाप के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
स्वास्थ्य विभाग की जांच में आरोपी के पास न तो कोई चिकित्सकीय डिग्री मिली और न ही कोई वैध प्रमाणपत्र। इतना ही नहीं, मरीजों को जाल में फंसाने के लिए उसके क्लीनिक के बोर्ड पर शहर के नामचीन डॉक्टरों के नाम भी फर्जी तरीके से लिखे थे।
पेसारा गांव निवासी राहुल कनौजिया की चार वर्षीय पुत्री माही को बुखार आने पर स्वजन गांव में ही क्लीनिक चलाने वाले आनंद सोनकर के पास ले गए थे। आरोप है कि आनंद सोनकर ने बच्ची को इंजेक्शन लगाया। इसके बाद इंजेक्शन वाली जगह पर तेज दर्द शुरू हो गया और चार अगस्त को बच्ची की मौत हो गई थी।
मामले की शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग की जांच में आरोपी के पास कोई चिकित्सकीय डिग्री अथवा वैध प्रमाणपत्र नहीं मिला। जिलाधिकारी के निर्देश पर सीएचसी मुफ्तीगंज के अधीक्षक डा. श्रवण कुमार यादव ने कोतवाली में तहरीर दी।कोतवाली प्रभारी अमरेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि सीएचसी अधीक्षक की तहरीर के आधार पर आरोपी आनंद सोनकर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

















