
डीएम के सख्त निर्देश के बाद भी अधूरा नाली सफाई कार्य, नहीं साफ हुआ मेन रोड का नाला इमामपुर का पोखरा लबालब; ग्रामीणों ने जताई हादसे की आशंका जौनपुर। खुटहन ब्लॉक के इमामपुर ग्राम सभा में नाला और पक्की नाली की सफाई का मामला एक बार फिर चर्चा में है।
जिलाधिकारी के सख्त निर्देश के बाद ग्राम सचिव और लेखपाल ने मौके का निरीक्षण किया, वहीं जेसीबी से नाली की सफाई कराई गई। हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि सफाई कार्य कई जगह अधूरा छोड़ दिया गया है और जेसीबी से सफाई के दौरान नाली कई स्थानों पर टूट भी गई है।ग्रामीणों के अनुसार इमामपुर बाजार स्थित पुराने आराजी नंबर 125, जिसका नया नंबर 249 है, सहित अन्य नालों की लंबे समय से सफाई की मांग की जा रही है।
वहीं शांति शिक्षण संस्थान से जुम्मन के पाही तक जाने वाली पक्की नाली भी मिट्टी और गंदगी से पटने के साथ जगह-जगह जर्जर हो चुकी है। इसके चलते गांव का पानी बाहर नहीं निकल पा रहा है।वर्तमान में इमामपुर बाजार का पोखरा भी पूरी तरह पानी से भर चुका है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते जलनिकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो किसी भी समय दुर्घटना हो सकती है।ग्रामीणों की मांग पर जिलाधिकारी ने नाला और नाली की तत्काल साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद 2 सितंबर को जेसीबी मशीन से नाली के दोनों तरफ सफाई कराई गई, लेकिन ग्रामीणों के मुताबिक बीच-बीच में सफाई कार्य अधूरा छोड़ दिया गया।
सफाई के दौरान कई जगह नाली क्षतिग्रस्त होने की बात भी सामने आई है, जिसकी मरम्मत की मांग ग्रामीणों ने की है।3 सितंबर को ग्राम सचिव और लेखपाल ने मौके पर पहुंचकर नाला सफाई कार्य का निरीक्षण किया। ग्राम सचिव ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि अगले दिन सुबह से नाला और नाली की सफाई का कार्य पूरी तरह कराया जाएगा।ग्रामीणों ने प्रशासन से नाला और नाली की सफाई के साथ क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत तथा इमामपुर बाजार के पोखरे की स्थिति को देखते हुए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था कराने की मांग की है।मौके पर युवा समाजसेवी सुजीत वर्मा एडवोकेट दीवानी न्यायालय जौनपुर, सतीश उर्फ सोनू अग्रहरी, रितेश अग्रहरि, गुड्डु सोनी सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।

















