
चित्रकूट,संत रणछोड़ दास जी महाराज द्वारा स्थापित श्री सदगुरु सेवा संघ ट्रस्ट द्वारा चित्रकूट में लगातार हो रहे बारिश,अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित परिवारों की मदद में जुटा हुआ है। चित्रकूट में बाढ़ से ग्रसित अंचल वासियों के बीच पहुंच कर विकट परिस्थितियों में संघर्ष कर रहे लोगों तक श्री सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट एवं श्री रघुबीर मंदिर ट्रस्ट द्वारा लगातार छठवें दिन भी सहायता एवम राहत सामग्री पहुंचाने का काम कर रहा है।
चिकित्सालय की टीम द्वारा प्रभावित इलाकों में जाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उपचार एवं दवाईयां उपलब्ध करायी गई, साथ ही बीमारियों से बचाव के निर्देश भी दिए गए।वहीं महिला समिति की अध्यक्षा श्रीमती ऊषा जैन खुद बाढ़ पीड़ितों के पास पहुंचकर राहत सामग्री वितरित करने काम कर रही है और पीड़ितों का हाल चाल ले रही हैं एवं किस चीज की व्यवस्था नहीं है पीड़ितों के पास ये भी जानकारी ले रही है और साथ ही राहत कार्य में लगी टीमों को भी निर्देशित कर रही है !
कि जो भी जरूरी आवश्यकता हो पीड़ितों को जानकारी ले और उन तक पहुंचाने का काम करे उनके साथ प्रमोद भाई हरियाणी और उनकी धर्म पत्नी भी बाढ़ पीड़ितों की सेवा में मौजूद रहे।वहीं मंदाकिनी नदी के किनारे दुर्गम अंदरूनी जंगलों में निवासरत साधु-संतों तथा बाढ़ ग्रस्त ग्रामीणों तक ट्रस्ट के कार्यकर्ताओं की विभिन्न टीमों ने पहुंचकर शुद्ध पेयजल, सात्विक भोजन, राशन, वस्त्र इत्यादि उपलब्ध कराया एवं सभी का कुशल-क्षेम जाना ।वहीं सदगुरु सेवा संघ के ट्रस्टी एवं निदेशक डॉ इलेश जैन ने बताया कि परम पूज्य गुरुदेव की प्रेरणा से इस भीषण त्रासदी के मध्य मानव सेवा का यह पुनीत कार्य पूर्ण मनोयोग से अनवरत संचालित है, एवं जब तक बाढ़ पीड़ितों की स्थिति नॉर्मल अथवा सामान्य नहीं हो जायेगी तब तक ये राहत कार्य अनवरत चालू रहेगा।उन्होंने बताया कि हमारे 500 कार्यकर्ता इस मानव सेवा में लगे हुए है,साथ ही 5 वाहन भोजन आदि सामग्री वितरण करने में और 2 वाहन मेडिकल किट बांटने एवं उपचार के लिये लगे हुए है।
उन्होंने बताया कि सुबह 5 बजे से भोजन बनाने का शुरू हो जाता है और सुबह 10 बजे से पीड़ितों को लंच पैक्ट बांटने का काम हमारी टीम करने में लग जाती है जिससे सभी को समय से भोजन मिल सके, उधर शाम 6 बजे से भोजन बनना शुरू हो जाता है और शाम 7 बजे या 7:30 बजे बांटने का काम शुरू हो जाता है।उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास रहता है कि जो लोगों के भोजन का समय है उसी समय में ही पीड़ितों को हम लंच पैकेट उपलब्ध करवा सके जिससे समय से ओ बेचारे भी भोजन कर सके। उन्होंने अपील करते हुय कहा कि बाढ़ पीड़ित परिवार,साधु संत कभी अपने को अकेला न समझें पूरा सदगुरु परिवार इस मुसीबत की घड़ी में उनके साथ है।

















