डेब्यू में तहलका, फिर एक सर्जरी ने करियर खत्म, स्वतंत्रता दिवस के दिन सिर्फ ये भारतीय खिलाड़ी मनाता है जन्मदिन

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HIGHLIGHTS
  • Vijay Bharadwaj Birthday On Independence Day: 15 अगस्त
  • यानी स्वतंत्रता दिवस पूरे देश के लिए जश्न का दिन होता है, लेकिन भारतीय क्रिकेट इतिहास में यह दिन पूर्व ऑलराउंडर विजय भारद्वाज के लिए भी काफी खास है.
  • 15 अगस्त
  • 1975 को जन्मे विजय भारद्वाज भारतीय क्रिकेट के इकलौते पुरुष इंटरनेशनल क्रिकेटर हैं, जिनका जन्मदिन देश के आजादी दिवस के दिन आता है.

Vijay Bharadwaj Birthday On Independence Day: 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस पूरे देश के लिए जश्न का दिन होता है, लेकिन भारतीय क्रिकेट इतिहास में यह दिन पूर्व ऑलराउंडर विजय भारद्वाज के लिए भी काफी खास है. 15 अगस्त 1975 को जन्मे विजय भारद्वाज भारतीय क्रिकेट के इकलौते पुरुष इंटरनेशनल क्रिकेटर हैं, जिनका जन्मदिन देश के आजादी दिवस के दिन आता है. कर्नाटक के इस खिलाड़ी ने जब इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखा था, तो उन्हें भारतीय क्रिकेट का अगला सुपरस्टार माना गया था. हालांकि, किस्मत और चोटों ने उनके चमकते करियर को सिर्फ 13 इंटरनेशनल मैचों में ही समेट दिया.

डेब्यू सीरीज में ही बने प्लेयर ऑफ द सीरीज

साल 1999 में जब भारतीय टीम केन्या दौरे पर चार देशों के एलजी कप में हिस्सा लेने गई थी, तब विजय भारद्वाज को टीम में चुना गया था. कर्नाटक के लिए घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाने और फिरकी गेंदबाजी करने वाले विजय ने पहली ही सीरीज में सनसनी मचा दी थी. उन्होंने 4 मैचों में किफायती गेंदबाजी करते हुए 10 अहम विकेट चटकाए थे. वहीं, पूरी सीरीज में बिना आउट हुए 89 रन बनाए थे. शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर वो डेब्यू सीरीज में ही प्लेयर ऑफ द सीरीज चुने गए थे.

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स्लिप डिस्क और लंबे समय तक बिस्तर पर रहने का दर्द

एलजी कप के बाद उन्हें टेस्ट टीम में चुना गया, लेकिन न्यूजीलैंड सीरीज और उसके बाद ऑस्ट्रेलिया दौरे पर सिडनी टेस्ट के दौरान उन्हें गंभीर चोट लग गई. इस चोट के कारण उन्हें स्लिप डिस्क की गंभीर समस्या हो गई, जिसके चलते उन्हें लगभग डेढ़ साल तक बिस्तर पर रहना पड़ा. कड़े संघर्ष और रिहैब के बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में वापसी की और दोबारा टीम इंडिया में जगह बनाने में सफल रहे, लेकिन उनका पहले जैसा असरदार खेल लौट नहीं सका.

गलत आई-सर्जरी बनी करियर के लिए काल

चोट से उबरने के बाद विजय चश्मा लगाकर क्रिकेट खेलते थे. इसी दौरान किसी की सलाह पर उन्होंने अपनी आंखों की लेजर/आई सर्जरी करवाई, जो पूरी तरह सफल नहीं रही. सर्जरी के बाद उनकी आंखों की रोशनी और कमजोर हो गई, जिससे उन्हें फील्डिंग और तेज गेंदों का सामना करते समय गेंद को ट्रैक करने में भारी परेशानी होने लगी. साल 2002 में जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्हें आखिरी मौका मिला, जहां वो पहली ही गेंद पर आउट हो गए. इसके बाद सेलेकटर्स ने उनसे मुंह मोड़ लिया और कभी टीम में वापसी का मौका नहीं मिला.

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Vivek Singh
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विवेक सिंह 24indianewslive.com के संचालक हैं. वह डिजिटल न्यूज़, मीडिया के क्षेत्र में कार्यरत हैं। 24 India News Live के माध्यम से तथ्यपरक, तेज और जनहित से जुड़ी खबरों को पाठकों तक पहुँचाने का उनका प्रयास है।

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