
जौनपुर। दीवानी न्यायालय अधिवक्ता संघ जौनपुर के वार्षिक चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। संघ का आगामी चुनाव 11 सितम्बर 2026 को होना सुनिश्चित किया गया है। चुनाव की तारीख नजदीक आते ही कचहरी परिसर में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है।
इसी क्रम में अध्यक्ष पद के मजबूत प्रत्याशी अवधेश सिंह ने अधिवक्ताओं के बीच अपनी मजबूत दावेदारी पेश करते हुए उनके कल्याण के लिए कई विशेष व्यवस्थाएं
करने का संकल्प लिया है।अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अवधेश सिंह ने मीडिया और अधिवक्ताओं से मुखातिब होते हुए कहा कि यदि सम्मानित अधिवक्ता साथी उन्हें सेवा का अवसर देते हैं!
तो बार और बेंच के गौरव को बढ़ाने के साथ-साथ अधिवक्ताओं के मान-सम्मान व उनके हितों की रक्षा के लिए वह हर संभव प्रयास करेंगे।अवधेश सिंह ने अधिवक्ताओं के हित में निम्नलिखित 6 सूत्रीय प्राथमिकताओं का वादा किया है: बीमा चिकित्सा की सुविधा: अधिवक्ताओं और उनके परिवार की स्वास्थ्य सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए कचहरी के वकीलों के लिए विशेष रूप से कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था लागू कराई जाएगी।प्रपत्र वापसी का प्रावधान: वकालतनामा या कोई अन्य प्रपत्र (फॉर्म) बेचे जाने के बाद यदि वह इस्तेमाल नहीं होता है, तो क्रेता (खरीदार) को उसे वापस करने या रिफंड का उचित प्रावधान किया जाएगा।पेयजल की मुकम्मल व्यवस्था: भीषण गर्मी और रोज़मर्रा की दिक्कतों को देखते हुए दीवानी न्यायालय परिसर में वकीलों और वादकारियों के लिए स्वच्छ और ठंडे पानी की विशेष व्यवस्था की जाएगी।अधिवक्ता कल्याण के लिए चौबीस घंटे मदद: वकीलों के सामाजिक, आर्थिक और पेशेवर हितों की रक्षा के लिए हर प्रकार की संभव मदद सुनिश्चित की जाएगी।
थानों पर सुनवाई न होने पर संघर्ष की चेतावनी: यदि किसी भी थाने पर अधिवक्ताओं की न्यायसंगत बात नहीं सुनी जाती है या उनके साथ दुर्व्यवहार होता है, तो प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी जाएगी और वकीलों के सम्मान के लिए आर-पार का संघर्ष किया जाएगा।क्षेत्रीय थानों में दर्ज होंगे वकीलों के नंबर: अधिवक्ताओं को उनके स्थानीय क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक समस्या न हो, इसके लिए जनपद के सभी क्षेत्रीय थानों पर अधिवक्ताओं के मोबाइल नंबर नोट कराए जाएंगे ताकि पुलिस-प्रशासनिक स्तर पर संवाद और समन्वय बेहतर हो सके।चुनाव की तिथि (11 सितम्बर) तय होने के बाद अवधेश सिंह के इन लोक-कल्याणकारी और क्रांतिकारी वादों ने चुनाव को बेहद दिलचस्प बना दिया है। उनके इन संकल्पों को दीवानी न्यायालय के जूनियर और सीनियर दोनों ही वर्गों के अधिवक्ताओं का भारी समर्थन मिल रहा है।

















