
सदर तहसील के राजेपुर द्वितीय में 14.7 एयर बैनामाशुदा जमीन की पैमाइश के लिए 26 वर्षों से मुकदमा, अब जज सिंह अन्ना का आमरण अनशन शुरू जौनपुर।
सदर तहसील क्षेत्र के राजेपुर द्वितीय में 14.7 एयर बैनामाशुदा जमीन की पैमाइश के लिए पिछले 26 वर्षों से न्याय की लड़ाई लड़ रहे नरेंद्र बहादुर सिंह के मामले में अब सामाजिक कार्यकर्ता जज सिंह अन्ना आमरण अनशन पर बैठ गए है!
मामला राजेपुर द्वितीय स्थित 441 एयर के गाटे का है। नरेंद्र बहादुर सिंह पुत्र श्याम नारायण सिंह ने वर्ष 2000 में हरिश्चंद्र मिश्रा के हिस्से में आई 73.33 एयर भूमि में से 14.7 एयर जमीन का बैनामा कराया था। आरोप है कि बैनामा होने के बावजूद आज तक संबंधित राजस्व अधिकारियों द्वारा उक्त भूमि की विधिवत पैमाइश एवं नाप नहीं कराई गई।
नरेंद्र बहादुर सिंह का कहना है कि लंबे समय से चल रहे विवाद के दौरान उन्हें मुकदमे में धारा 116 की कार्रवाई की ओर भेजा गया, लेकिन करीब 26 वर्ष बीत जाने के बाद भी मामला अंतिम रूप से निस्तारित नहीं हो सका। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने वाले नरेंद्र बहादुर सिंह वर्षों से मुकदमे का खर्च उठाते हुए न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।बताया गया कि फरवरी माह में इस संबंध में जिलाधिकारी जौनपुर को भी प्रार्थना पत्र दिया गया था।
उस दौरान 10 वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों के निस्तारण को लेकर बैठक में निर्णय की बात सामने आई थी, लेकिन नरेंद्र बहादुर सिंह के मामले में अभी तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी।अब जज सिंह अन्ना ने आमरण अनशन शुरू करते हुए स्पष्ट किया है कि जब तक जिलाधिकारी जौनपुर स्वयं मौके पर पहुंचकर नरेंद्र बहादुर सिंह की बैनामाशुदा 14.7 एयर भूमि की पैमाइश नहीं कराते, तब तक उनका अनिश्चितकालीन आमरण अनशन जारी रहेगा।जज सिंह अन्ना का कहना है कि मांग किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि वर्षों से लंबित मामले में नियमानुसार निष्पक्ष कार्रवाई और न्याय दिलाने की है।

















