जौनपुर अमर शहीद उमानाथ सिंह की 32 वीं पुण्यतिथि श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई।

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय स्थित इंजीनियरिंग संस्थान में रविवार को अमर शहीद उमानाथ सिंह की 32 वीं पुण्यतिथि श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर इंजीनियरिंग संस्थान के भौतिक विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. संतोष कुमार और स्वर्गीय उमानाथ सिंह के पुत्र पूर्व सांसद डॉ. के. पी. सिंह ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें याद किया।
प्रो. संतोष कुमार ने कहा कि शहीद उमानाथ सिंह का बलिदान, समर्पण और उनके द्वारा किए गए कार्य देश, धर्म और समाज के लिए अनमोल है।
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HIGHLIGHTS
  • भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है और उन्हें हम भुला नहीं सकते। देश की सेवा में उनके अद्भुत संघर्ष और आत्मबलिदान को आने वाली पीढ़ियां सदैव याद रखेंगी
  • पूर्व सांसद डॉ. के. पी. सिंह ने शहीद उमानाथ सिंह के जीवन एवं उनके राजनीतिक संघर्ष को विस्तार से प्रस्तुत करते हुए कहा कि वे 13 अगस्त 1938 को जौनपुर के महरूपुर गांव में एक…
  • बाल्यकाल से ही उन्होंने उत्तरदायित्व, धीरता और राष्ट्रप्रेम का परिचय दिया। वर्ष 1957 में भारतीय जनसंघ से जुड़कर उन्होंने राष्ट्रसेवा का कार्य प्रारंभ किया।
  • उन्होंने 1957 के खाद्य आन्दोलन, 1975 के आपातकाल एवं 1990 के राम जन्मभूमि आंदोलन में भाग लेते हुए जेल यात्रा भी की। उनकी ईमानदारी, सादगी और संघर्षशीलता हमेशा याद की जाएगी।

शहीद उमानाथ सिंह का बलिदान अविस्मरणीय रहेगा: प्रो. संतोष कुमारजौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय स्थित इंजीनियरिंग संस्थान में रविवार को अमर शहीद उमानाथ सिंह की 32 वीं पुण्यतिथि श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर इंजीनियरिंग संस्थान के भौतिक विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. संतोष कुमार और स्वर्गीय उमानाथ सिंह के पुत्र पूर्व सांसद डॉ. के. पी. सिंह ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें याद किया।

प्रो. संतोष कुमार ने कहा कि शहीद उमानाथ सिंह का बलिदान, समर्पण और उनके द्वारा किए गए कार्य देश, धर्म और समाज के लिए अनमोल है। उनका योगदान हर भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है और उन्हें हम भुला नहीं सकते। देश की सेवा में उनके अद्भुत संघर्ष और आत्मबलिदान को आने वाली पीढ़ियां सदैव याद रखेंगी।पूर्व सांसद डॉ. के. पी. सिंह ने शहीद उमानाथ सिंह के जीवन एवं उनके राजनीतिक संघर्ष को विस्तार से प्रस्तुत करते हुए कहा कि वे 13 अगस्त 1938 को जौनपुर के महरूपुर गांव में एक संस्कारवान परिवार में जन्में।

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बाल्यकाल से ही उन्होंने उत्तरदायित्व, धीरता और राष्ट्रप्रेम का परिचय दिया। वर्ष 1957 में भारतीय जनसंघ से जुड़कर उन्होंने राष्ट्रसेवा का कार्य प्रारंभ किया। उन्होंने 1957 के खाद्य आन्दोलन, 1975 के आपातकाल एवं 1990 के राम जन्मभूमि आंदोलन में भाग लेते हुए जेल यात्रा भी की।

उनकी ईमानदारी, सादगी और संघर्षशीलता हमेशा याद की जाएगी।कार्यक्रम में डॉ. दिव्येंदु मिश्र, राकेश तिवारी, मनोज सिंह, मनोज यादव, श्याम त्रिपाठी, मनु मिश्र सहित बड़ी संख्या में उपस्थित छात्रों ने श्रद्धासुमन अर्पित किया और शहीद उमानाथ सिंह के प्रति अपने भाव प्रकट किए।

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Vivek Singh
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विवेक सिंह 24indianewslive.com के संचालक हैं. वह डिजिटल न्यूज़, मीडिया के क्षेत्र में कार्यरत हैं। 24 India News Live के माध्यम से तथ्यपरक, तेज और जनहित से जुड़ी खबरों को पाठकों तक पहुँचाने का उनका प्रयास है।

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