
जनपद जौनपुर के ग्रामीण इलाकों में इन दिनों बिजली की भारी कटौती के कारण किसान बेहद चिंतित हैं। समय से बिजली न मिलने की वजह से धान की फसल को पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे खेतों में दरारें पड़ने लगी हैं और फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है।
एक तरफ जहां प्रकृति की मार और पानी की कमी से किसान बेहाल हैं, वहीं दूसरी तरफ बिजली विभाग के कड़े रवैये ने उनकी रातों की नींद उड़ा दी है।किसानों का कहना है कि धान की खेती के इस महत्वपूर्ण समय में बिजली की रोस्टिंग का कोई तय शेड्यूल नहीं है।
जब पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तब घंटों बिजली नदारद रहती है। ट्यूबवेल ठप पड़े हैं और महंगे डीजल के दम पर सिंचाई करना छोटे किसानों के बस के बाहर की बात हो चुकी है।बिल जमा न होने पर तुरंत कट रही है ‘लाइट’किसानों की चिंता तब और बढ़ जाती है जब बिजली विभाग के कर्मचारी बकाया बिलों को लेकर सख्त रुख अपनाते हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि एक तरफ विभाग पर्याप्त बिजली देने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ यदि कोई किसान समय से बिजली बिल जमा नहीं कर पाता है, तो विभाग के कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना के तुरंत कनेक्शन काट देते हैं।किसानों का दर्द है कि जब फसल ही नहीं बचेगी, तो वे बिल कहां से चुकाएंगे

















