
जौनपुर। जलालपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम विशुनपुर मझवारा और सुरहरपुर (पोस्ट विशुनपुर मजवारा) के ग्रामीणों ने आबादी क्षेत्र से महज 50 मीटर की दूरी पर नियमों को ताक पर रखकर संचालित किए जा रहे एक अवैध पोल्ट्री फार्म (मुर्गी फार्म) को बंद करवाने या अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।ग्रामीण उषा देवी पत्नी अशोक निषाद के नेतृत्व में समस्त ग्रामवासियों द्वारा दिए गए इस शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है!
कि गाँव के ही राकेश सिंह पुत्र बजरंगी सिंह द्वारा इस पोल्ट्री फार्म का संचालन किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह फार्म केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के तय दिशा-निर्देशों का सीधा उल्लंघन है। नियमों के मुताबिक कोई भी व्यावसायिक पोल्ट्री फार्म रिहायशी इलाके या गाँव से कम से कम 500 मीटर की दूरी पर होना चाहिए, लेकिन यह फार्म घरों से मात्र 50 मीटर की दूरी पर ही बना दिया गया है।बीमारियों का बढ़ा खतरा, सांस लेना हुआ!
दूभरज्ञापन में ग्रामीणों ने दर्द बयां करते हुए कहा कि फार्म से चौबीसों घंटे निकलने वाली अत्यधिक तीखी बदबू के कारण पूरे गाँव के लोगों का जीना मुहाल हो गया है। स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि इलाके में लाखों की संख्या में मक्खियाँ और मच्छर पनप रहे हैं। इससे गाँव में मलेरिया, डेंगू, डायरिया और सांस से जुड़ी गंभीर संक्रामक बीमारियों का खतरा अत्यधिक बढ़ गया है।बुजुर्गों और मासूम बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असरग्रामीणों ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि इस असहनीय दुर्गंध और गंदगी का सबसे बुरा असर गाँव के मासूम बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
भरत मिलाप में सामाजिक संगठनों ने की सेवा चाय पानी और नि:शुल्क चिकित्सा शिविर की रही व्यवस्थालोग लगातार बीमार हो रहे हैं और उनका घरों में बैठना या खाना-पीना भी दूभर हो गया है।ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से करबद्ध प्रार्थना करते हुए जनहित और जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखकर इस मामले की तत्काल निष्पक्ष जाँच कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि यह पोल्ट्री फार्म बिना वैध एनओसी (NOC) और नियमों के विरुद्ध चलाया जा रहा है, तो इसे तुरंत बंद कराया जाए या आबादी से दूर स्थानांतरित किया जाए, ताकि ग्रामीणों को इस नारकीय जीवन से मुक्ति मिल सके।
















