
खेतासराय(जौनपुर)। मंगलवार को पट्टीदार द्वारा अपने ही चाचा की मारपीट कर निर्मम हत्या किए जाने पर बुधवार की शाम पीएम के बाद शव गांव पहुँचा तो स्वजन और ग्रामीण भड़क उठे । जिससे पुलिस प्रशासन मे हाथ पांव फूल गये । उनका आरोप था कि पुलिस ने हत्या दर्ज करने के बजाए गैर इरादतन हत्या का मुकदमा कायम किया है । नाराज़ ग्रामीण मृतक की पत्नी नरगिस के साथ सड़क पर उतर आये। रानीमऊ- निजमापुर मार्ग पर चक्का जाम कर दिया । पुलिस उन्हें समझाने की लाख कोशिश की वे मानने को तैयार नही हुए ।
सीओ के साथ सर्किल के कई थानेदार मान मनव्वल करते रहे लेकिन व अंतिम संस्कार करने के बजाए शव को अपने दरवाज़े के सामने रख दिया । सीईओ ने देर रात्रि 12:30 बजे हत्या की बीएनएस बढ़ाने का आश्वासन दिया तो वे अंतिम रस्म को तैयार हुए। जमीन के बंटवारे को लेकर अकरम शाह और उनके भाई वहाजुद्दीन के परिवार के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद में मंगलवार को अकरम की पिटाई से मौत हो गई थी। बुधवार की शाम क़रीब 8 बजे पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा तो पत्नी नरगिस और बच्चों समेत परिवार के लोगों ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया।
भरत मिलाप में सामाजिक संगठनों ने की सेवा चाय पानी और नि:शुल्क चिकित्सा शिविर की रही व्यवस्थाइसके बाद ग्रामीण भी उनके समर्थन में उतर आए और मुख्य सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे।परिजनों और ग्रामीणों का आरोप था कि आरोपित पक्ष प्रभावशाली है, इसी कारण पुलिस ने हत्या के मामले में गैर इरादतन हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज किया है। उन्होंने आरोपितों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने और उनके घर पर बुलडोजर चलाने की मांग उठाई। साथ ही शाहगंज विधायक रमेश सिंह को मौके पर बुलाने की जिद पर अड़े रहे।चक्काजाम की सूचना पर खेतासराय, खुटहन और शाहगंज थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे।देर रात करीब 12:30 बजे को सीओ शाहगंज प्रीति वर्मा ने हत्या की धारा परिवर्तित करने का आश्वासन दिया तो तब जाकर वे माने।
देर अकरम शाह को गांव की पुश्तैनी कब्रिस्तान में सुपूर्द-ए- ख़ाक किया गया।गौरतलब है कि इस मामले में खेतासराय पुलिस मृतक की पत्नी की तहरीर पर पांच नामजद आरोपितों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज की थी।वर्ज़न-अकरम शाह के मामले में गैर इरादतन हत्या की धारा परिवर्तित कर हत्या की धारा बढ़ाई गई है। धारा बढ़ाने और अन्य मांगों को लेकर स्वजन ने अंतिम संस्कार रोक दिया था। उन्हें समझाया गया, जिसके बाद वे अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गए।
















