
केराकत, जौनपुर। नगर पंचायत केराकत में गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि श्री कृष्णा कुमार जायसवाल के कर-कमलों द्वारा युवा लेखक शक्तिमान मिश्रा के दूसरे उपन्यास ‘काग़ज़ के मानुष’ का विमोचन किया गया। केराकत की धरती से जुड़े युवा लेखक की इस नई कृति में समकालीन समाज की वास्तविकताओं और मानवीय संवेदनाओं को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है।
भरत मिलाप में सामाजिक संगठनों ने की सेवा चाय पानी और नि:शुल्क चिकित्सा शिविर की रही व्यवस्थामूल रूप से केराकत, जौनपुर के निवासी शक्तिमान मिश्रा पेशे से बैंकर हैं, जबकि साहित्य लेखन और कला में उनकी विशेष रुचि है। उनकी पहली पुस्तक ‘अनहद — जो कभी ना टूटा’ मार्च 2026 में प्रकाशित हुई थी। अब उनका दूसरा उपन्यास ‘काग़ज़ के मानुष’ पाठकों के बीच आया है।समाज की विसंगतियों को उजागर करता है उपन्यासउपन्यास ‘काग़ज़ के मानुष’ में पैसा, धर्म, मोक्ष, नशा, आरक्षण, गरीबी, भूख, बेरोजगारी, अधूरा प्रेम, माता-पिता, परिवार और सामाजिक विसंगतियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों को उठाया गया है।
लेखक ने इन विषयों के माध्यम से समाज के विभिन्न पहलुओं और मानवीय जीवन से जुड़े सवालों को सामने रखने का प्रयास किया है।लेखक का उद्देश्य साहित्य को केवल मनोरंजन का साधन बनाना नहीं, बल्कि इसके माध्यम से सामाजिक चेतना जागृत करना और सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में लोगों को प्रेरित करना है। यह उपन्यास पाठकों को रिश्तों, सामाजिक मूल्यों और जीवन की वास्तविकताओं पर विचार करने के लिए प्रेरित करता है।ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हुई पुस्तकविमोचन के साथ ही ‘काग़ज़ के मानुष’ पुस्तक Amazon, Flipkart और Kindle सहित प्रमुख ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो गई है। केराकत से जुड़े युवा लेखक की यह नई कृति साहित्य जगत में उनकी रचनात्मक यात्रा का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है।
‘काग़ज़ के मानुष’ के माध्यम से शक्तिमान मिश्रा ने समकालीन समाज की चुनौतियों, मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक सरोकारों को साहित्य के जरिए अभिव्यक्त करने का प्रयास किया है। उनकी इस कृति से पाठकों को समाज और जीवन को एक नए दृष्टिकोण से समझने का अवसर मिलेगा।
















