
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध एडेड महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया।
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बड़ी संख्या में पहुंचे शिक्षकों ने सरकार से सम्मानजनक मानदेय और सेवा विनियमित किए जाने की मांग उठाई। शिक्षकों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा।प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का कहना था कि एडेड महाविद्यालयों में वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षकों को बेहद कम मानदेय दिया जा रहा है।
उनका आरोप है कि न्यूनतम मानदेय में काम करने के बावजूद उनकी समस्याओं पर सरकार की ओर से अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है।शिक्षकों ने बताया कि मानदेय में वृद्धि और सेवा संबंधी मांगों को लेकर पिछले कई वर्षों से प्रदेश स्तर पर आवाज उठाई जा रही है।

अलग-अलग समय पर प्रदर्शन और ज्ञापन के माध्यम से शासन तक अपनी समस्याएं पहुंचाई गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है।प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का भी बहिष्कार किए जाने की बात कही।
उनका कहना था कि जब तक शिक्षकों की मूल समस्याओं का समाधान नहीं होता और उन्हें सम्मानजनक मानदेय नहीं दिया जाता, तब तक वे अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे।मीडिया से बातचीत में शिक्षकों ने कहा कि महाविद्यालयों में शिक्षण की जिम्मेदारी निभाने वाले शिक्षक लंबे समय से आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
उनका कहना था कि मौजूदा मानदेय में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है और कई शिक्षक आर्थिक संकट की स्थिति में पहुंच गए हैं।शिक्षकों ने मुख्यमंत्री से मांग की कि उनकी समस्याओं का संज्ञान लेते हुए मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि की जाए और सेवा विनियमित करने की प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षकों को आर्थिक एवं सेवा संबंधी सुरक्षा मिल सके।
















