
संवाददाता नवनीत सिंह
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर राहुल गांधी के काफिले की गाड़ियां आपस में टकराईं सुल्तानपुर कोर्ट पहुंचेउत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने लंबित मांगों को लेकर शासन से प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। संघ ने मुख्य सचिव को भेजे पत्र में कहा है कि लेखपाल लगातार बढ़ते कार्यभार, संसाधनों की कमी, लंबित पदोन्नति, वेतन विसंगति और अतिरिक्त कार्यभार जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
संघ के मुताबिक, राजस्व अभिलेखों के अद्यतन, वरासत, नामांतरण, पैमाइश, ई-गवर्नेंस, आपदा प्रबंधन और विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़े कार्यों का बड़ा दायित्व लेखपालों पर है। इसके बावजूद उनकी कई पुरानी मांगों पर अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।अंतर्मंडलीय स्थानांतरण को लेकर संघ ने विशेष रूप से नाराजगी जताई है। पत्र में कहा गया है!
शाहगंज में चर्चाओं का बाज़ार गर्म-आखिर कौन है वो रसूखदार जिससे मिलने आई थी मॉडल श्रद्धा दुबेकि शासनादेश के आधार पर वर्ष 2019 में करीब 650 लेखपालों का गृह मंडल में स्थानांतरण हुआ था। इसके बाद 16 मई 2025 को राजस्व परिषद का ऑनलाइन पोर्टल खोला गया, जिसमें संघ के अनुसार 2,669 लेखपालों ने आवेदन किया, लेकिन इन आवेदनों पर अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।संघ का कहना है कि बड़ी संख्या में लेखपाल अपने गृह जनपद और गृह मंडल से दूर तैनात हैं।
ऐसे में स्थानांतरण के इच्छुक लेखपालों के लिए ऑनलाइन पोर्टल दोबारा खोलने और उन्हें गृह मंडल में स्थानांतरण का अवसर देने की मांग की गई है।लेखपाल संघ ने 02 अगस्त 2026 को जारी कार्यवृत्त के बाद भी परिषद और शासन स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा उठाते हुए लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की है।














