
जौनपुर, 30 सितंबर 2026। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में सरयू देवी इंटर कॉलेज, राजपुर में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष सुशील कुमार शशि के निर्देशन तथा सचिव पूर्णकालिक सिविल जज सीनियर डिवीजन सुशील कुमार सिंह की देखरेख में आयोजित हुआ।शिविर को संबोधित करते हुए सचिव सुशील कुमार सिंह ने लैंगिक उत्पीड़न से संबंधित नियमों एवं आवश्यक प्रावधानों, ड्राइविंग लाइसेंस के महत्व, अनुशासन तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाना जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का प्रमुख उद्देश्य है।डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल डॉ. दिलीप कुमार सिंह ने 10 से 20 वर्ष की उम्र में बच्चों में होने वाले शारीरिक बदलाव, हार्मोन की सक्रियता से उत्पन्न तनाव तथा उससे संतुलन स्थापित करने के उपायों के बारे में बताया। उन्होंने लीगल एंड डिफेंस सिस्टम और प्राधिकरण की स्थापना की जानकारी देते हुए बच्चों को अपराधी प्रवृत्ति के लोगों से सावधान रहने तथा किसी भी संदिग्ध अथवा महत्वपूर्ण जानकारी की तत्काल अपने माता-पिता और परिवार के सदस्यों को देने की सलाह दी।
पारिवारिक न्यायालय के काउंसलर देवेंद्र कुमार यादव ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के फ्रंट ऑफिस, पैनल अधिवक्ता और लीगल वालंटियर्स जरूरतमंद लोगों को विभिन्न प्रकार की कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार रहते हैं। उन्होंने लोगों से इन सुविधाओं का लाभ उठाने की अपील की।इसी क्रम में श्रम प्रवर्तन अधिकारी रामकृष्ण मिश्रा ने श्रमिक कानूनों, जबकि तहसीलदार मछलीशहर सुरेंद्र कुमार वर्मा ने राजस्व मामलों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। सहायक परिवीक्षा अधिकारी मुरलीधर गिरी ने प्रोबेशन विभाग की ओर से दी जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी दी।
पीयू में सुरक्षित एप्लीकेशन विकास पर छह दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ90 प्रतिभागियों ने लिया हिस्साभूपेंद्र यादव, महाजन अली, शालिनी प्रजापति और थानाध्यक्ष पंवारा नावेद आलम ने भी आवश्यक जानकारी साझा की।कार्यक्रम में सिद्धि चौरसिया एवं उनकी टीम ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, जबकि इशिता और श्रेया तिवारी ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अंत में खुशबू ने आत्मरक्षा से संबंधित कला-कौशल का प्रदर्शन कर छात्र-छात्राओं को जागरूक किया।इस अवसर पर न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पैनल लॉयर, प्रधानाचार्य, शिक्षकगण, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
















