
जौनपुर। खुटहन थाना क्षेत्र के मुजक्कीपुर गांव निवासी दीपक विश्वकर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर परिजनों ने निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

इस संबंध में मुख्यमंत्री को जिलाधिकारी के माध्यम से मांग-पत्र भेजकर मामले की जांच के लिए SIT गठित करने की मांग की गई है।मांग-पत्र के अनुसार, सुरेंद्र विश्वकर्मा के पुत्र दीपक विश्वकर्मा 30 अगस्त 2026 की रात करीब दो बजे के बाद लापता हो गए थे।
परिवार ने काफी खोजबीन के बाद खुटहन थाने में गुमशुदगी की सूचना दर्ज कराई। परिजनों के मुताबिक, 1 सितंबर की सुबह घर से करीब 700 मीटर दूर खेत में दीपक का शव बरामद हुआ।परिवार ने घटना की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए आशंका जताई है कि दीपक की हत्या कर शव को घटनास्थल पर लाकर फेंका गया हो सकता है।
पीयू में सुरक्षित एप्लीकेशन विकास पर छह दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ90 प्रतिभागियों ने लिया हिस्साहालांकि, इस आशंका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।पुलिस कार्रवाई की भी जांच की मांगपरिजनों ने गुमशुदगी की सूचना दर्ज होने के बाद पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की भी उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

मांग-पत्र में कहा गया है कि यह स्पष्ट किया जाए कि गुमशुदगी की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तलाश के लिए क्या कदम उठाए और कहीं किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं हुई। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।परिवार ने रखीं पांच प्रमुख मांगेंपरिजनों ने मांग की है कि दीपक विश्वकर्मा की संदिग्ध मृत्यु की जांच के लिए SIT गठित कर वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी में जांच कराई जाए।
घटना में आपराधिक कृत्य की पुष्टि होने पर वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर वास्तविक दोषियों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाए।इसके अलावा मृतक की पत्नी को ₹50 लाख की आर्थिक सहायता, शासन की नियमावली एवं पात्रता के

अनुसार परिवार को ग्राम सभा की भूमि का पट्टा तथा परिवार को आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।परिवार का कहना है कि वह आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है और दैनिक मजदूरी से जीवनयापन करता है। घटना के बाद परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहा है। ऐसे में शासन से न्याय, सहायता और सुरक्षा की उम्मीद जताई गई है।
















