
जौनपुर। एशियाई खेल-2026 में पुरुष भाला फेंक स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर जौनपुर का नाम रोशन करने वाले अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रोहित यादव रविवार को अपने ननिहाल सिकरारा क्षेत्र के पोखरिया गांव पहुंचे। उनके गांव पहुंचते ही ग्रामीणों ने फूल-मालाओं से स्वागत कर खुशी जताई और उनकी उपलब्धि पर बधाई दी।रोहित यादव मूल रूप से मछलीशहर तहसील क्षेत्र के अदारी डिभिया गांव के निवासी हैं। एशियाई खेलों में पदक जीतने के बाद उनके गांव और ननिहाल में उत्सव जैसा माहौल रहा।
भरत मिलाप में सामाजिक संगठनों ने की सेवा चाय पानी और नि:शुल्क चिकित्सा शिविर की रही व्यवस्थाग्रामीणों ने कहा कि रोहित की सफलता से पूरे जिले का मान बढ़ा है।इसके बाद रोहित यादव और उनके पिता सभाजीत यादव का जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. ने कार्यालय में सम्मान किया। जिलाधिकारी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन के लिए रोहित को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।रोहित के पिता सभाजीत यादव स्वयं भी मैराथन धावक रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बेटे की उपलब्धि से उन्हें बेहद खुशी है। आज गांव से लेकर पूरे जौनपुर तक लोग गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि रोहित आने वाले वर्षों में देश के लिए कई और पदक जीतकर नाम रोशन करेगा।पिता ने दिखाई राह, बेटे ने बनाया अंतरराष्ट्रीय मुकामरोहित यादव ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2013 में खेल की शुरुआत की थी। उस समय उन्हें खेल के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। उनके पिता ने उन्हें खेल के लिए प्रेरित किया और शुरुआत कराई। शुरुआती दौर में संसाधनों की काफी कमी थी, लेकिन लगातार मेहनत और परिवार के सहयोग से उन्होंने अपना सफर जारी रखा।रोहित ने कहा कि वर्तमान में सरकार और खेल से जुड़े संस्थानों से मिल रहे सहयोग के कारण खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं।
अब उनका लक्ष्य आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश के लिए और पदक जीतना है। उन्होंने बताया कि वह चीन में होने वाले आगामी विश्व कप और 2028 में अमेरिका में होने वाले ओलंपिक की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।रोहित की सफलता से उनके परिवार, गांव और पूरे जिले में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में रोहित भारत के लिए कई और बड़ी उपलब्धियां हासिल करेंगे।
















