
खेतासराय(जौनपुर)। जमीन के बंटवारे को लेकर अपनों के बीच छिड़े विवाद ने एक परिवार से उसका सहारा छीन लिया। रानीमऊ गांव निवासी मोहम्मद अकरम शाह (50) की मौत के बाद पत्नी नरगिस और पांच बेटियों के सामने जीवन की कठिन चुनौती खड़ी हो गई है। परिवार की आजीविका चलाने वाले अकरम ही घर के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे।
भरत मिलाप में सामाजिक संगठनों ने की सेवा चाय पानी और नि:शुल्क चिकित्सा शिविर की रही व्यवस्थाउनकी मौत से जहां नरगिस का सुहाग उजड़ गया, वहीं तीन अविवाहित बेटियों के भविष्य की चिंता भी सताने लगी है। पति को खोने के गम में नरगिस का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार बेसुध हो जा रही हैं।अकरम शाह गांव में राइस मिल और चक्की चलाकर परिवार का खर्च उठाते थे। उनकी पांच बेटियों में दो की शादी हो चुकी है, जबकि तीन अभी अविवाहित हैं।
परिवार की जिम्मेदारियां संभालने वाले अकरम के अचानक चले जाने से घर की आर्थिक स्थिति को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। बेटियों की परवरिश और उनकी शादी की जिम्मेदारी अब नरगिस के सामने बड़ी चुनौती बनकर खड़ी है। पति की मौत के सदमे के बीच उन्हें परिवार के भविष्य की चिंता भी सता रही है।बताया जाता है कि अकरम शाह और उनके छोटे भाई वहाजुद्दीन के बीच जमीन के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।
मंगलवार दोपहर इसी विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई, जिसमें अकरम की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है। गांव के पुश्तैनी कब्रिस्तान में अकरम को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। उनकी मौत से गांव के लोग भी स्तब्ध हैं। उधर पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी में जुटी हुई है ।
















