
खाटूश्याम/जौनपुर: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के सिरकोनी ब्लॉक क्षेत्र से विवेक सिंह राजस्थान के सीकर जिले में स्थित सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटू श्याम जी पहुंचे। वहां उन्होंने बाबा श्याम के दरबार में हाजिरी लगाई और विधि-विधान से दर्शन-पूजन कर लोक-कल्याण की कामना की।
दर्शन के बाद विवेक सिंह ने मंदिर के ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व की जानकारी भी साझा की।1027 ईस्वी में हुई थी मूल स्थापनाऐतिहासिक साक्ष्यों के अनुसार, खाटू श्याम मंदिर का इतिहास करीब एक हजार साल पुराना है। 1027 ईस्वी में खाटू नगर के तत्कालीन राजा रूपसिंह चौहान और उनकी पत्नी नर्मदा कंवर ने इस पावन स्थल पर मूल मंदिर का निर्माण करवाया था। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, एक कुंड (जिसे आज श्याम कुंड कहा जाता है) से महाभारत कालीन वीर बर्बरीक का शीश प्रकट हुआ था।
इसके बाद, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मंदिर में बाबा का शीश पूर्ण श्रद्धा के साथ प्रतिष्ठित किया गया था।1720 ईस्वी में मिला वर्तमान भव्य स्वरूपसमय के साथ मंदिर के स्वरूप में कई बदलाव आए। सन 1720 ईस्वी में मारवाड़ के शासक के दीवान अभय सिंह ने इस मंदिर का बड़े पैमाने पर जीर्णोद्धार और पुनर्निर्माण करवाया।
वर्तमान समय में देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को जो भव्य और दिव्य मंदिर दिखाई देता है, वह इसी कालखंड की वास्तुकला और श्रद्धा का परिणाम है।जौनपुर से पहुंचे श्रद्धालु विवेक सिंह ने बताया कि बाबा श्याम के दर्शन मात्र से ही मन को असीम शांति मिलती है। खाटू नगरी की महिमा और इसका इतिहास हर सनातनी को गौरवान्वित करने वाला है।

















