
शाहगंज(जौनपुर)
अभी तक आपने लव सेक्स और धोखा का नाम और कांड सुने होंगे।मगर समय के साथ तरीका बदल और स्वरूप बदल गया।
अब जगह जगह खुल रहे मसाज पार्लरों को लोग शंका की नज़र से देख रहे हैं।बहुत हद शंका उचित भी है।जब प्रचार प्रसार किसी और चीज़ का और काम किसी और चीज़ का हो सवाल उठने ही लगते हैं।कुछ ऐसा ही मामला शाहगंज में मसाज पार्लरों का भी प्रकाश में आया है।जहां मसाज पार्लरों का इंटरनेट मीडिया शोसल मीडिया के माध्यम से प्रचार होता है।सिर्फ 999 रुपये बॉडी मसाज कराएं।मसाज का प्रचार भी अश्लील होते है।और जब लोग अपनी थकान मिटाने मसाज पार्लरों में जातें है तब शुरू होता है।मसाज, सेक्स, और धोखे का खेल।
*पहले 999 रुपये जमा करवा लिए जाते है।मसाज के नाम पर*
जब कोई कस्ट्मर इन मसाज पार्लरों में जाता है तो पहले कस्ट्मर को मसाज के विभिन्न प्रकार बताएं जाते हैं।जिसके अलग अलग रेट होते हैं।सबसे कम रेट पर 999 रुपये का होता है।जो कस्ट्मर से पहले ही काउंटर पर जमा करा लिए जाते हैं।
*फूल सर्विस(सेक्स) के नाम पर किया जाता है मजबूर*
कस्ट्मर जब 999 रुपये देकर अंदर जाता है।तो लड़की अधनंगे कपड़े पहनकर कस्ट्मर के पास आती है।और कस्ट्मर के सारे कपड़े उतरवाकर सिर्फ एक कागज़ के महीन कपड़े से बने अंडरवियर दिया जाता है पहनने के लिए।फिर मसाज शुरू होता है।और मसाज शुरू के होने के बाद थोड़ी ही देर में ऐसे उत्तेजक हरकते होती है।बस वही से कस्ट्मर को फूल सर्विस(सेक्स)के नाम पर मजबूर कर दो से पांच हजार रुपये तक वसूल किये जाते हैं।कस्ट्मर को इतना बरगलाया जाता है।और डराया जाता है की मजबूर होकर इनका शिकार हो जाता है।
ऐसे मिलता है धोखा
शोसल मीडिया पर प्रचार सिर्फ 999 रुपये का अंदर मसाज के विभिन्न प्रकार के नाम पर हर विधि के मसाज का रेट अलग अलग अगर कस्ट्मर कहता भी है की बात तो सिर्फ 999 रुपये की हुई थी।तब उन्हें डरा कर या उत्तेजित कर टिप्स के नाम पर,लड़कियां अपनी मजबूरी और दुहाई देकर पैसे वसूल लेती है।और कहा जाता है ये पैसा सिर्फ हमको मिलता है।पहले से जमा 999 रुपये हमे नही दिए जाते।तब कस्टमर को एहसास होता है की अब धोखे का शिकार हो चुका है।

















