
जौनपुर। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी समूह सखियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपा। समूह सखियों का कहना है

कि ग्राम पंचायतों में स्वयं सहायता समूहों के गठन, संचालन और समूह से संबंधित विभिन्न कार्यों की जिम्मेदारी वे लंबे समय से निभा रही हैं, लेकिन इसके एवज में मिलने वाला मानदेय उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप पर्याप्त नहीं है।
समूह सखियों की अध्यक्ष पुष्पा सरोज के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि वर्तमान में उन्हें प्रतिमाह 2,000 रुपये मानदेय मिलता है।

इस राशि से परिवार के भरण-पोषण के साथ मोबाइल रिचार्ज और कार्य के सिलसिले में आने-जाने का खर्च उठाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने शासन स्तर पर उनकी समस्याओं को पहुंचाकर मांगों के समाधान की मांग की।समूह सखियों ने अपनी सात प्रमुख मांगें रखीं।
इनमें मानदेय बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रतिमाह करने, कार्य के लिए प्रत्येक समूह सखी को टैबलेट उपलब्ध कराने, टैबलेट का मोबाइल रिचार्ज निशुल्क कराने और कार्य के दौरान आने-जाने के लिए यात्रा भत्ता देने की मांग शामिल है।इसके अलावा समूह सखियों ने अपने पद को स्थायी करने, उन्हें निशुल्क इलाज की सुविधा और पांच लाख रुपये का बीमा कवर उपलब्ध कराने तथा सभी समूह सखियों के लिए एक निर्धारित ड्रेस और पहचान पत्र जारी करने की मांग उठाई।
ज्ञापन के माध्यम से समूह सखियों ने जिलाधिकारी से उनकी मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाने और जल्द समाधान कराने का अनुरोध किया। साथ ही चेतावनी दी कि यदि 48 घंटे के भीतर उनकी मांगों के संबंध में उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे धरने पर बैठने के लिए बाध्य होंगी।समूह सखियों ने कहा कि धरने के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति या नुकसान होने पर इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

















