
जौनपुर। राष्ट्र के नाम मध्यस्थता अभियान 3.0 के प्रचार-प्रसार के तहत दीवानी न्यायालय परिसर जौनपुर में “गांधीवादी दृष्टिकोण एवं मध्यस्थता विवाह से संवाद तक विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।संगोष्ठी में मध्यस्थता के माध्यम से लंबित वादों के निस्तारण को गति देने तथा पक्षकारों के बीच आपसी संवाद और सौहार्द बनाए रखने पर चर्चा की गई।
इस दौरान माननीय जनपद न्यायाधीश द्वारा अधिवक्ताओं को अधिक से अधिक मामलों को मध्यस्थता के माध्यम से निस्तारित कराने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उनके इस प्रयास की दीवानी न्यायालय के अधिवक्ताओं ने सराहना की।मध्यस्थता के माध्यम से वादों के निस्तारण को गति देने के प्रयासों के लिए दीवानी न्यायालय अधिवक्ता संघ!
जौनपुर द्वारा जनपद न्यायाधीश का सम्मान भी किया गया।इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश ने कहा कि मध्यस्थता की प्रक्रिया अपेक्षाकृत कम खर्चीली होती है। इसमें किसी एक पक्ष की जीत या दूसरे पक्ष की हार नहीं होती, बल्कि आपसी सहमति और संवाद के माध्यम से विवाद का समाधान किया जाता है।
इससे दोनों पक्षों के बीच आपसी भाईचारा और संबंध भी बने रहते हैं।संगोष्ठी में अधिवक्ताओं ने मध्यस्थता को विवादों के शांतिपूर्ण और सहमति आधारित समाधान का प्रभावी माध्यम बताते हुए इसके प्रति लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया।

















