
शाहगंज (जौनपुर)श्रीरामलीला समिति के तत्वावधान में गांधीनगर कलेक्टरगंज स्थित मंच पर गुरुवार रात रामलीला के तीसरे दिन भगवान श्रीराम के वनवास प्रसंग का भावपूर्ण मंचन किया गया। वृंदावन से आए कलाकारों ने सजीव अभिनय के जरिए ऐसा भावनात्मक दृश्य प्रस्तुत किया कि दर्शक भावविभोर हो उठे और कई की आंखें नम हो गईं।
लीला में कैकेयी द्वारा भरत के राजतिलक और श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास देने के वरदान मांगने का प्रसंग प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। राजा दशरथ की विवशता और पुत्र वियोग की पीड़ा ने दर्शकों को भावुक कर दिया।
वहीं, पिता के वचन की मर्यादा बनाए रखने के लिए श्रीराम का सहर्ष वनवास स्वीकार करना और सीता का उनके साथ वन जाने का संकल्प दर्शकों के हृदय को छू गया।
राम-कौशल्या और राम-सीता के मार्मिक संवादों ने मंचन को जीवंत बना दिया। इस दौरान लीला व्यास योगेश महाराज के भजनों से पूरा परिसर भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालु देर रात तक लीला का आनंद लेते रहे।

















