
शाहगंज(जौनपुर) शाहगंज की ऐतिहासिक रामलीला के पांचवें दिन शनिवार को गांधीनगर कलेक्टरगंज स्थित मंच पर भरत आगमन, भरत-कैकेयी संवाद, भरत-कौशल्या संवाद और वशिष्ठ-भरत संवाद का भावपूर्ण मंचन किया गया। वृंदावन की आदर्श राशेश्वरी रामलीला मंडली के कलाकारों ने अपने अभिनय से दर्शकों को भावुक कर दिया। दिन की लीला का मुख्य आकर्षण राजा दशरथ की अंतिम यात्रा और उनका प्रतीकात्मक दाह संस्कार रहा।लीला व्यास योगेश महाराज के निर्देशन में कलाकारों ने भरत के अयोध्या लौटने और माता कैकेयी व कौशल्या से संवाद के प्रसंगों का सजीव मंचन किया।
वहीं, महर्षि वशिष्ठ और भरत के बीच संवाद के माध्यम से धर्म, कर्तव्य और त्याग का संदेश दिया गया।*भजन-कीर्तन के बीच निकली राजा दशरथ की अंतिम यात्रा*राजा दशरथ का सुसज्जित विमान रामलीला भवन से निकाला गया। अंतिम यात्रा नगर के लोहामंडी, डाकखाना तिराहा, जेसीस चौक, योगी तिराहा और रोडवेज होते हुए माल गोदाम मार्ग तथा श्रीरामपुर रोड से गांधीनगर कलेक्टरगंज स्थित मुख्य मंच पर पहुंची।
यात्रा के दौरान भजन मंडली ने मजीरे की धुन पर ‘सकल तजो, राम जी भजो मोरे भाई’ सहित अन्य भजनों का गायन किया। भक्ति गीतों और जय श्रीराम के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।मुख्य मंच पर विधि-विधान और परंपरा के अनुसार राजा दशरथ का प्रतीकात्मक दाह संस्कार संपन्न कराया गया।
इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।*रविवार से पक्का पोखरा में दिन की लीला*रामलीला समिति के अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल ने बताया कि रविवार से नगर के पक्का पोखरा स्थित मंच पर दिन की लीला का मंचन शुरू होगा। वहीं, रात्रिकालीन लीला अगले तीन दिनों तक नई आबादी स्थित मंच पर आयोजित की जाएगी।

















