
जौनपुर शाहगंज में जिलाधिकारी के आदेशों के बावजूद स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही का मामला सामने आया है। भरौली रोड स्थित एक चर्चित इंग्लिश स्कूल से जुड़ी एक पुरानी निजी बोलेरो कार में कथित तौर पर सात सीटों की क्षमता के बावजूद करीब लगभग दो दर्जन बच्चों को ठूंसकर ले जाया जा रहा है।
हैरानी की बात यह है कि वाहन पर नंबर प्लेट भी नहीं दिखाई दे रही है।सवाल बड़ा है—जब सात सीटों वाली गाड़ी में दर्जनों बच्चे बैठाए जाएंगे, तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? अगर रास्ते में कोई हादसा हो गया, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा? बिना नंबर प्लेट सड़क पर दौड़ रही इस गाड़ी पर संबंधित विभागों की नजर क्यों नहीं पड़ रही है!
जिलाधिकारी के आदेशों के बावजूद यदि ऐसे वाहन सड़कों पर चल रहे हैं, तो आदेशों के पालन और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। आखिर परिवहन विभाग और यातायात पुलिस कब जागेंगे? क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही कार्रवाई होगी?अब जरूरत है तत्काल जांच और सख्त कार्रवाई की, ताकि मासूम बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ पर रोक लग सके।
परिवहन विभाग भी लापरवाह*आये दिन स्कूली वाहन से दुर्घटना आदि होते रहते है।डीएम ने सख्त आदेश भी दिए हैं जिले में किसी भी स्कूल के वाहन जो डग्गमार है अगर पाए जाते हैं।तो स्कूल संचालक पर कठोर कार्यवाई होगी।मगर यहां डीएम के निर्देशों का परिवहन विभाग पर कोई असर नही है।कभी कभी कार्यवाई के नाम पर नगर से बाहर बाहर खाना पूर्ति करके चले जाते हैं।बार बार ध्यान आकृष्ट कराने के बाद भी परिवहन विभाग के कान पर जू तक नही रेंगी।

















