
जौनपुर। लंबित मांगों के समाधान को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की सदर तहसील शाखा ने आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। संघ ने उपजिलाधिकारी सदर को पत्र भेजकर विभिन्न चरणों में होने वाले धरना-प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार की जानकारी दी है।
तहसील मंत्री संजीत कुमार सिंह की ओर से 3 अक्टूबर को भेजे गए पत्र में बताया गया कि शासन और राजस्व परिषद स्तर पर लेखपालों की विभिन्न मांगें लंबे समय से लंबित हैं। संघ का कहना है कि मांगों के समाधान के लिए लगातार पत्राचार और अनुरोध किए जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसी के चलते प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर 22 सितंबर से अतिरिक्त हल्कों के कार्य का बहिष्कार किया जा रहा है।
घोषित कार्यक्रम के तहत 3 अक्टूबर को संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार कर लेखपाल सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा जाएगा।संघ के अनुसार 8 अक्टूबर से आय, जाति और निवास प्रमाण-पत्र, वरासत, फार्मर रजिस्ट्री सहित विभिन्न ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार किया जाएगा। 10 अक्टूबर को थाना समाधान दिवस में लेखपाल काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराएंगे। वहीं 12 अक्टूबर को तहसील मुख्यालय पर रक्तदान शिविर और 14 अक्टूबर को मोटरसाइकिल रैली निकालकर ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।
पीयू में सुरक्षित एप्लीकेशन विकास पर छह दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ90 प्रतिभागियों ने लिया हिस्साआंदोलन के अगले चरण में 17 से 23 अक्टूबर तक लेखपाल तहसील मुख्यालय पर पूर्ण कार्य बहिष्कार करेंगे और सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक धरना देंगे। इसके बाद 24 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन संपूर्ण कार्य बहिष्कार शुरू करने की घोषणा की गई है। इस दौरान जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।कार्यक्रम में संघ के जिलाध्यक्ष अनुराग सिंह, तहसील अध्यक्ष विक्रांत सिंह चौहान, राजेश श्रीवास्तव, बलवंत सिंह, कृष्णानंद पांडे, परमानंद मिश्रा अजीत सिंह सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य शामिल रहेंगे।
















