
संवाददाता नवनीत सिंह सुल्तानपुर

सुलतानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर रविवार सुबह एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने हर किसी को झकझोर दिया। एक एंबुलेंस शहीद सूबेदार मेजर सत्यवान का पार्थिव शरीर लेकर पंचकूला से देवरिया जा रही थी, लेकिन हलियापुर के पास यह सफर अचानक मौत के सफर में बदल गया। अयोध्या-सुलतानपुर सीमा के पास हलियापुर थाना क्षेत्र में माइलस्टोन 79.6 के करीब तेज रफ्तार एंबुलेंस सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से जा घुसी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एंबुलेंस के परखच्चे उड़ गए और केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में एंबुलेंस सवार राजन चौधरी, राम समुझ, गौरव सिंह और चालक जसपाल घायल हुए, जिनमें दो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि इलाज के दौरान दो अन्य ने भी दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंची। एंबुलेंस के केबिन में फंसे शवों को गैस कटर की मदद से बाहर निकाला गया। शहीद का पार्थिव शरीर भी एंबुलेंस में फंसा था, जिसे बाहर निकालकर पुलिस ने हलियापुर थाने में सम्मानपूर्वक सुरक्षित रखवाया।
पुलिस के मुताबिक देवरिया निवासी सूबेदार मेजर सत्यवान कुछ दिन पहले पंचकूला में शहीद हुए थे और उनका पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए परिवार के लोग एंबुलेंस से देवरिया ले जा रहे थे। शनिवार देर रात एंबुलेंस पंचकूला से रवाना हुई थी, लेकिन सुलतानपुर में हुए हादसे ने परिवार के दुख को और गहरा कर दिया। शुरुआती जांच में चालक को नींद की झपकी आने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि हादसे की असली वजह जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही साफ होगी।
पुलिस ने मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं और परिजनों को सूचना दे दी गई है। एक तरफ शहीद की अंतिम विदाई का सफर था और दूसरी तरफ उसी सफर में चार जिंदगियां हमेशा के लिए खत्म हो गईं। अब सवाल है कि आखिर एंबुलेंस खड़े ट्रक में इतनी भीषण तरीके से कैसे जा घुसी? क्या चालक को सच में नींद की झपकी आई थी या हादसे की कोई और वजह थी? इन सवालों का जवाब पुलिस की जांच के बाद ही सामने आएगा।

















