
खेतासराय(जौनपुर)। सोमवार को तेज आंधी-तूफान के बाद शाहगंज डिवीजन के 33/11 केवी बादशाही उपकेंद्र से जुड़े मानीकला फीडर की बिजली व्यवस्था चरमरा गई। करीब एक दर्जन गांवों की आपूर्ति बाधित होने के बाद बिजली निगम की टीम दिनभर फाल्ट तलाशती रही। कई स्थानों पर पेड़ गिरने से लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण जंफर खोलकर आपूर्ति बहाल करने के प्रयास भी सफल नहीं हो सके।
करीब 24 घंटे की मशक्कत के बाद मंगलवार अपराह्न 3:30 बजे आपूर्ति सामान्य हो सकी। बिजली गुल रहने से ग्रामीणों के सामने पेयजल का संकट भी खड़ा हो गया।बादशाही उपकेंद्र के मानीकला फीडर से जुड़े मानीकला, समदहा, भुड़कड़हा, नोनारी, सरलापुर, शाहापुर, जमदहा और कासिमपुर समेत अन्य गांवों में आंधी के बाद बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बताया गया कि क्षेत्र में करीब 10 से 15 स्थानों पर पेड़ गिरने से विद्युत लाइन प्रभावित हुई।
फाल्ट की तलाश में निगम कर्मियों को विभिन्न स्थानों पर पेट्रोलिंग करनी पड़ी। कई जगह जंफर खोलकर लाइन चालू करने का प्रयास किया गया, लेकिन फाल्ट बने रहने के कारण आपूर्ति सुचारु नहीं हो सकी।दूसरे दिन बिजली निगम की टीम ने प्रभावित क्षेत्र में दोबारा पेट्रोलिंग कर एक दर्जन से अधिक स्थानों पर फाल्ट दुरुस्त किए। इसके बाद मंगलवार अपराह्न करीब 3:30 बजे मानीकला फीडर की आपूर्ति बहाल हो सकी। लंबे समय तक बिजली न रहने से ग्रामीण इलाकों में पानी की आपूर्ति भी प्रभावित रही।
निज संसाधनो से पानी की टँकी भरनी पड़ी, वहीं किलकीक्षा और लपरी फीडरों से जुड़े क्षेत्रों में भी कई घंटे बिजली गुल रही।आंधी का असर सोंगर और अहीरपरशुरामपुर उपकेंद्रों पर भी पड़ा। तेज हवा के कारण यहां भी विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई, जिसे कर्मचारियों ने फाल्ट दूर कर धीरे-धीरे सामान्य किया।एक्सईएन ए.के. धर्मा ने बताया कि तेज आंधी-तूफान के कारण शाहगंज डिवीजन के कई क्षेत्रों में विद्युत लाइनें प्रभावित हुई थी। कर्मचारियों की टीमों को लगाकर लगातार पेट्रोलिंग कराई गई और जहां-जहां फाल्ट मिले, उन्हें दुरुस्त कर आपूर्ति बहाल कराई गई।

















