
खेतासराय(जौनपुर)। व्यापार की दृष्टि बेहद ही महत्वपूर्ण खेतासराय कस्बे से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-135- ए पर उड़ती धूल से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। सड़क के गड्ढों में मिट्टी मिली गिट्टी डालने के बाद वाहनों के गुजरते ही धूल के गुबार उठ रहे हैं। इससे दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हो रहा है, वहीं राहगीरों और स्थानीय लोगों को सांस लेने में परेशानी झेलनी पड़ रही है।
समस्या से निजात दिलाने के लिए व्यापार मंडल अब आवाज उठाएगा। इसके लिए राज्यमंत्री और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने की तैयारी है।दुकानों में भर रही धूल, दिनभर करनी पड़ रही सफाईएनएच-135ए पर दिनभर छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही होती है। वाहनों के गुजरते ही सड़क पर धूल छा जाती है और आसपास की दुकानों तक पहुंच जाती है। दुकानदारों को बार-बार सामान और दुकान की सफाई करनी पड़ रही है। रेहड़ी-पटरी संचालकों, रिक्शा चालकों और दोपहिया वाहन सवारों को भी धूल के बीच आवागमन करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गड्ढों में मिट्टी मिली गिट्टी डालना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। सड़क की समुचित मरम्मत कर धूल पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।नगर पंचायत प्रशासन द्वारा दिन में एक या दो बार पानी डालना भी नाकाफ़ी साबित हो रहा है। मंत्री और डीएम से मिलकर अपनी समस्या रखेंगेखेतासराय। उधोग नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय विश्वकर्मा ने कहा कि एनएच-135ए की बदहाली और उड़ती धूल से व्यापारी परेशान है। दुकानों में धूल भरने से कारोबार प्रभावित हो रहा है।
जल्द ही व्यापारियों के साथ बैठक कर प्रार्थना पत्र तैयार किया जाएगा। इसे जिलाधिकारी जौनपुर और राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव को सौंपकर सड़क की शीघ्र मरम्मत की मांग की जाएगी। संजय विश्वकर्मा, अध्यक्ष, उधोग व्यापार मंडल, खेतासराय।धूल से एलर्जी और सांस की परेशानी का खतराखेतासराय। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. वाहिद खान ने बताया कि सड़क की धूल से एलर्जी, आंखों में जलन, खुजली और लालिमा की समस्या हो सकती है। धूल के कण आंखों में जाने पर उन्हें रगड़ने से बचना चाहिए। महीन कण फेफड़ों तक पहुंचकर दमा और सांस के मरीजों की परेशानी बढ़ा सकते हैं। लगातार जलन या सांस लेने में दिक्कत होने पर चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।

















