

जौनपुर। शहर के रामघाट पर शवों के अंतिम संस्कार के लिए लगाई गई इलेक्ट्रिक शवदाह मशीन इन दिनों बदहाल स्थिति में कूड़े के ढेर के बीच पड़ी हुई है। लाखों रुपये की लागत से स्थापित की गई इस मशीन का इस तरह खुले में बेकार पड़े रहना सरकारी धन के उपयोग को लेकर सवाल खड़े कर रहा है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, रामघाट पर अंतिम संस्कार की सुविधा को बेहतर बनाने और लकड़ी की खपत कम करने के उद्देश्य से इलेक्ट्रिक शवदाह मशीन स्थापित की गई थी। लेकिन उचित रखरखाव और संचालन के अभाव में मशीन अब कूड़े के बीच पड़ी है और धीरे-धीरे खराब हो रही है।लोगों का कहना है!
कि जिस उद्देश्य से सरकारी धन खर्च कर यह मशीन लगाई गई थी, उसका लाभ आम लोगों को नहीं मिल पा रहा है। मशीन के रखरखाव और वर्तमान स्थिति को लेकर जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।स्थानीय नागरिकों ने मामले की जांच कराकर यह पता लगाने की मांग की है कि मशीन कब स्थापित हुई, इसकी लागत कितनी थी, इसका संचालन क्यों बंद हुआ और वर्तमान में इसे कूड़े के ढेर में क्यों छोड़ दिया गया है।
लोगों ने मांग की है कि यदि मशीन उपयोग योग्य है तो उसे तत्काल दुरुस्त कराकर चालू कराया जाए, ताकि सरकारी धन से तैयार की गई सुविधा का आम जनता को लाभ मिल सके।अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले का संज्ञान लेकर इलेक्ट्रिक शवदाह मशीन की स्थिति की जांच कराते हैं या नहीं।

















