
जौनपुर 23 सितम्बर 2026 जनपद जौनपुर के किसान श्री भौम प्रकाश सिंह पिछले कई वर्षों से कृषि क्षेत्र में निरंतर मेहनत कर रहे हैं। वर्ष 1993 से खेती से जुड़े श्री सिंह ने पारंपरिक खेती के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों को अपनाकर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। वर्तमान में वे लगभग 10 बीघे क्षेत्रफल में केले की खेती कर रहे हैं। श्री सिंह बताते हैं कि केले की खेती उनके लिए आय का एक बेहतर माध्यम बनी है। लगभग 10 बीघे में केले की फसल से उन्हें 18 से 20 लाख रुपये तक का कुल उत्पादन/व्यवसाय प्राप्त होता है।
खेती में होने वाली विभिन्न लागतों एवं मजदूरी आदि का खर्च निकालने के बाद उन्हें लगभग 12 से 15 लाख रुपये तक का शुद्ध लाभ प्राप्त हो जाता है।केले की फसल के विपणन के संबंध में श्री सिंह बताते हैं कि उन्हें बाजार में फसल बेचने के लिए विशेष परेशानी नहीं उठानी पड़ती। व्यापारी स्वयं उनके खेत पर पहुंचकर केले की फसल खरीदकर ले जाते हैं। इससे परिवहन एवं बाजार तक फसल ले जाने की अतिरिक्त परेशानी कम होती है और समय की भी बचत होती है।
जौनपुर में श्रीराम कथा में पहुंचे गोंडा के पूर्व सांसद बोले जड़ से हटने पर पेड़ सूख जाता हैउद्यान विभाग की योजनाओं से मिला सहयोग – उन्होंने बताया कि उद्यान विभाग की योजनाओं से भी उन्हें लाभ मिला है। केले की खेती के लिए पौधों पर मिलने वाले अनुदान/सहायता का लाभ उन्हें प्राप्त हुआ है। सरकारी योजनाओं से मिले सहयोग ने केले की खेती को और अधिक व्यवस्थित एवं लाभकारी बनाने में सहायता की।
अपने अनुभव साझा करते हुए श्री भौम प्रकाश सिंह कहते हैं कि किसान भाइयों को आधुनिक एवं लाभकारी खेती की ओर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे उद्यान विभाग से जुड़कर विभागीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें और पात्रतानुसार उनका लाभ उठाएं। उनका कहना है कि केले की खेती में अच्छी संभावनाएं हैं और सही तकनीक, उचित प्रबंधन तथा बाजार की उपलब्धता के साथ किसान इससे अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकते हैं।
















