
जौनपुर। 25 हजार रुपये के इनामी पूर्व थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। न्यायालय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें जिला जेल भेज दिया गया। जेल पहुंचने के बाद उनके साथ जुड़ा एक रोचक घटनाक्रम चर्चा का विषय बन गया।
सूत्रों के अनुसार, जेल में 10 नंबर बैरिक में पहुंचे पहले से बंद एक व्यक्ति ने पूर्व थानाध्यक्ष को देखते ही कहा, साहब, नमस्ते… आप यहां कैसे आ गए? हम लोग तो पहले से ही यहां हैं। इस पर दिव्य प्रकाश सिंह ने कथित तौर पर जवाब दिया, मैं भी मुजरिम बनकर आया हूं।”बताया जा रहा है कि कभी पुलिस की कार्रवाई के दौरान जेल भेजे गए लोगों!
जौनपुर में श्रीराम कथा में पहुंचे गोंडा के पूर्व सांसद बोले जड़ से हटने पर पेड़ सूख जाता हैसे पूछताछ और कार्रवाई करने वाले पूर्व थानाध्यक्ष को अब खुद जेल की प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। इस घटनाक्रम के बाद जेल परिसर में भी इसकी चर्चा होती रही।सूत्रों का यह भी दावा है कि जेल में पहली रात पूर्व थानाध्यक्ष को नींद ठीक से नहीं आई और वह देर रात तक करवट बदलते रहे। हालांकि, जेल में उनकी रात और नींद को लेकर किए जा रहे इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मामले को लेकर लोगों के बीच यह चर्चा भी रही कि कानून के सामने पद और हैसियत से अलग सभी को न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना पड़ता है। पूर्व थानाध्यक्ष पर लगे आरोपों और मामले की वास्तविक स्थिति का निर्धारण न्यायालय की कार्यवाही से होगा।
















